बेतुल

बेतुल दिल्ली, कुरुक्षेत्र में बैतूल की कोरकू संस्कृति का गडली-सुसुन लोकनृत्य देख मंत्र मुग्ध हुए देश-विदेश के श्रोता

अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में कलाकारों की प्रस्तुति को मिली सराहना

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी रहे मौजूद
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। दिल्ली और कुरुक्षेत्र में आयोजित भव्य कार्यक्रमों के दौरान बैतूल जिले के आदिवासी कोरकू संस्कृति के प्रसिद्ध गडली-सुसुन सांस्कृतिक लोकनृत्य की शानदार प्रस्तुति दी गई। इस प्रस्तुति का नेतृत्व कोरकू संस्कृति गडली नृत्य विशेषज्ञ महादेव बारस्कर ने किया। उनका लंबे समय से सपना था कि कोरकू संस्कृति का यह पारंपरिक नृत्य अंतरराष्ट्रीय मंच पर भी पहुंचे। इस बार उनका यह सपना अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में सच साबित हुआ, जहां लगातार दो दिनों तक मंच पर गडली-सुसुन नृत्य की अद्भुत झलक देखने को मिली।
कुरुक्षेत्र में आयोजित इस अंतरराष्ट्रीय गीता महोत्सव में देश के यशस्वी प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव भी मौजूद रहे। मंच पर पेश किए गए कोरकू सांस्कृतिक लोकनृत्य ने सभी राज्यों और जिलों से आए कलाकारों व दर्शकों का दिल जीत लिया। प्रदर्शन इतना प्रभावशाली रहा कि विभिन्न प्रदेशों से आए कलाकारों ने भी इसकी जमकर प्रशंसा की।
इस प्रस्तुति में बैतूल जिले की भैंसदेही तहसील के ग्राम उमडला के कलाकारों ने प्रमुख भूमिका निभाई। टीम को सांस्कृतिक स्तर पर तैयार करने और मार्गदर्शन देने में करण चढ़ोकार का सहयोग विशेष रूप से महत्वपूर्ण रहा।
महादेव बारस्कर ने मध्यप्रदेश सांस्कृतिक विभाग और जनजातीय संग्रहालय भोपाल के निदेशक डॉ. धर्मेंद्र पारे के प्रति हृदय से धन्यवाद और आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कोरकू संस्कृति को अंतरराष्ट्रीय स्तर तक पहुचाने में डॉ. पारे का मार्गदर्शन और सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण रहा है। इस सफल प्रस्तुति के बाद कोरकू समाज में खुशी की लहर है और कलाकारों का उत्साह दोगुना हो गया है।
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