विनोबा भावे विश्वविद्यालय के दशम दीक्षांत समारोह और कुलसचिव की नियुक्ति के संबंध में राजभवन को लिखा पत्र।
कुलसचिव की नियुक्ति में विलंब कर कुलपति महोदय अपनी वित्तीय अनियमिताओं पर पर्दा डालने का काम कर रहे हैं।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
हजारीबाग विनोबा भावे विश्वविद्यालय में दशम दीक्षांत समारोह का आयोजन होना है जिसमे राज्यपाल महोदय के सम्मिलित होने की संभावना है।दीक्षांत समारोह में कुलसचिव की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण होती है, लेकिन वर्तमान कुलसचिव का कार्यकाल 04/12/25 को समाप्त हो चुका है। इसके बावजूद कुलपति महोदय ने बिना राज्यपाल की अनुमति के कुलसचिव को अगले आदेश तक के लिए पद पर बने रहने का आदेश पारित कर दिया है।उक्त बातों की जानकारी चंदन सिंह ने राज्यपाल महोदय को पत्र के माध्यम से दिया। चंदन सिंह ने कुलपति पर आरोप लगाये हैं की इन्होंने ने राज्यपाल की अनुमति के बिना कुलसचिव को पद पर बने रहने का आदेश दिया है वहीं जेपीएससी के द्वारा कुलसचिव के नाम की अनुशंसा के बाद भी विश्वविद्यालय ने उनकी नियुक्ति को लेकर कोई निर्णय नहीं लिया है। कुलपति के करीबी होने के कारण और वित्तीय अनियमितताओं पर पर्दा डालने की नीयत से कुलपति ने कुलसचिव को चार प्रमुख पदों पर रखा है जिससे राजभवन के एक व्यक्ति एक पद के आदेश की अवहेलना हो रही है। वहीं जेपीएससी के अनुशंसा के छह महीने बाद भी सिंडिकेट की बैठक में इस विषय पर कोई चर्चा नहीं की गई है जो कुलपति महोदय के प्रशासनिक विफलता को दर्शाता है। पत्र के माध्यम से चन्दन सिंह ने कुलाधिपति से अनुरोध किया है कि उच्च शिक्षा और राजभवन की प्रतिष्ठा को ध्यान में रखते हुए उचित कार्यवाही सुनिश्चित करते हुए कुलपति महोदय के रवैये पर कठोर कार्रवाई की जाए। वहीं कुलसचिव की नियुक्ति में अनियमितता की जांच की जाए और जेपीएससी के अनुशंसा के बाद नियुक्ति प्रक्रिया में देरी के कारणों की जांच की जाए।पत्र की प्रति उच्च शिक्षा विभाग और माननीय मुख्यमंत्री को भी सौंपा गया है।


