गाजियाबाद
लोनी बार्डर थाने के पास खूब फल-फूल रहा है जुआ व सट्टे का कारोबार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : लोनी बॉर्डर थाना क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की हकीकत उस समय उजागर हो जाती है जब थाने से महज करीब 200 मीटर की दूरी पर सट्टे का अवैध कारोबार खुलेआम फल-फूल रहा है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि यह पूरा धंधा पुलिस के संरक्षण और मिलीभगत से संचालित हो रहा है, तभी तो थाना पास होने के बावजूद सट्टेबाज बेखौफ होकर अपना काला कारोबार चला रहे हैं।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि दिनदहाड़े सट्टा, जुआ और ताश के पत्तों का खेल बदस्तूर जारी है। मौके पर पर्ची, मोबाइल, मुर्गा लड़ाई समेत कई तरीकों से जुआ खेला जा रहा है। इस अवैध धंधे से जुड़े लोग जहां अपनी जेबें ढीली कर रहे हैं, वहीं सट्टा संचालक रोज़ाना मोटी कमाई कर रहे हैं।
हैरानी की बात यह है कि शिकायतों के बावजूद पुलिस ने अब तक सट्टा संचालकों के खिलाफ कोई ठोस कार्यवाही नहीं की। जब भी लोग लोनी बॉर्डर चौकी या थाने में शिकायत लेकर पहुंचते हैं तो उन्हें सिर्फ यही जवाब मिलता है— “देख लेंगे”। लेकिन देखने की यह प्रक्रिया महीनों से जारी है, लेकिन सट्टा संचालकों के खिलाफ कार्यवाही आज तक नहीं।
लोगों का आरोप है कि अवैध धन वसूली के चलते पुलिस सब कुछ जानते हुए भी अनजान बनी हुई है। छोटे-छोटे मामलों में तुरंत कार्रवाई करने वाली पुलिस को थाने के इतने पास चल रहे सट्टे की जानकारी न हो यह बात किसी के गले नहीं उतर रही।
स्थानीय लोगों में पुलिस की भूमिका को लेकर गहरा रोष और अविश्वास है। उनका कहना है कि लोनी बॉर्डर क्षेत्र में अब कानून नहीं बल्कि अवैध धंधेबाजों का राज चल रहा है। योगी आदित्यनाथ सरकार के सुशासन के दावे यहां सट्टे और जुए के काले कारोबार के नीचे दबते नजर आ रहे हैं।
सबसे गंभीर आरोप यह भी है कि उच्चाधिकारी भी इस पूरे खेल से वाकिफ हैं, लेकिन अवैध आमदनी के लालच में इस पर हाथ डालने से बचते नजर आ रहे हैं। नतीजा यह है कि सट्टा संचालकों के हौसले बुलंद हैं और आम जनता खुद को असहाय महसूस कर रही है।
अब सवाल यह है कि
क्या लोनी बॉर्डर पुलिस इस अवैध कारोबार पर लगाम लगाएगी या फिर सट्टेबाजों का यह काला खेल यूं ही चलता रहेगा?


