
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा : एक कहावत बड़ी मशहूर है। पढ़ोगे लिखोगे तो बनोगे नवाब, खेलोगे कूदोगे तो होगे खराब। मगर यह पुरानी कहावत है। वर्तमान वक्त खेलकूद का चल रहा है। अब यह कहावत उल्टी पड़ने लगी है। अब खेलोगे कूदोगे को तो पहुंचोगे राष्ट्रीय फलक पर। नोनीहाल क्रिकेटर में कुछ इस तरह का ही जोश राष्ट्रीय फलक पर जाने को लेकर दिखने लगा है। नोनीहाल क्रिकेटर का एक संगम गोड्डा के गांधी मैदान में जेसीए व डीसीए के प्लेटफार्म पर सजा हुआ दिखा है। क्रिकेट फॉर्मेट में ड्यूज क्रिकेट बड़े क्रिकेट खिलाड़ी, महिला क्रिकेट खिलाड़ियों के लिए ही नहीं वरन् कम उम्र के खिलाड़ियों के लिए भी सपना बुन्ने का काम कर रहा है। मौका था अंदर 14 अंतर जिला क्रिकेट टूर्नामेंट का। हालांकि यह तो ऑफिशियल मैच है, इस पर परफॉर्मेंस से ही कोई खिलाड़ी आगे निकल कर जा पाते हैं। बड़ी बात ना बोलूं तो इन छोटे-छोटे कंधे हाथ बाजू वाले नोनीहाल क्रिकेटरों ने एक से बढ़कर एक क्रिकेटी शॉट लगाकर गांधी मैदान में मौजूद खेल प्रेमियों का मन मोह लिया। थोड़ा सा आपको इधर भी बताते चलते हैं कि गांधी मैदान के पिच पर अपने बच्चों का क्रिकेट जलवा देखने के लिए उनके अभिभावक भी अब बाउंड्री लाइन के इर्द-गिर्द खड़े नजर आए। बेटे को बल्लेबाजी, गेंदबाजी व क्षेत्ररक्षण करता देख उनके अभिभावक काफी खुश थे। मोटे तौर पर कहा जाए तो अभी से ही इतनी मेहनत और इतनी लगन के साथ क्रिकेट में तपस्या करना इन नोनीहालों को भविष्य में इंडिया फॉरमैट पर ले जा सकता है। शाबाश बच्चों। कोशिश करने वालों की हार नहीं होती.. दिखा दो झारखंड से भी अब कई धोनी की तरह राष्ट्रीय फलक पर जाने को लेकर अभी से ही जी तोड़ मेहनत कर रहे हैं।




