गोड्डा
40 साल से गोड्डा में रह रहे नट समाज के सामने पहचान का संकट
जाति-निवासी प्रमाण पत्र के लिए भटक रहे सैकड़ों परिवार

राशन कार्ड को लेकर भी बढ़ी चिंता
मछिया-स्टिमड्डा पंचायत के लोगों ने जिला प्रशासन से लगाई न्याय की गुहार
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गोड्डा। सदर प्रखंड के मछिया-स्टिमड्डा पंचायत में वर्षों से रह रहे नट समाज के सैकड़ों परिवार इन दिनों जाति एवं निवासी प्रमाण पत्र को लेकर परेशान हैं। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई परिवार करीब चार दशक से गोड्डा में रहकर अपना घर-परिवार चला रहे हैं। आम बोलचाल में इस समाज को गुलगुलिया समाज के नाम से भी जाना जाता है। समाज के लोगों का कहना है कि वर्षों से यहां रहने के दौरान कई परिवारों ने जमीन खरीदकर अपने मकान बनाए हैं और बच्चों की परवरिश भी यहीं की है। उनके पास आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र, राशन कार्ड सहित अन्य सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं। कुछ परिवारों को उज्ज्वला योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना और पूर्व में इंदिरा आवास योजना जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिलने का भी दावा किया गया है।
*सरकारी दस्तावेज होने के बावजूद प्रमाण पत्र के लिए परेशानी*
नट समाज के लोगों का कहना है कि जब वे लंबे समय से गोड्डा में निवास कर रहे हैं और उनके पास विभिन्न सरकारी दस्तावेज मौजूद हैं, तो जाति एवं निवासी प्रमाण पत्र बनवाने में उन्हें परेशानी क्यों हो रही है। उनका कहना है कि SIR और राशन कार्ड से जुड़े अपडेट के दौरान उनसे जाति एवं निवासी प्रमाण पत्र की मांग की जा रही है। प्रमाण पत्र बनवाने के लिए कई लोग अंचल कार्यालय भी पहुंचे, लेकिन उनके मुताबिक समस्या के समाधान को लेकर उन्हें स्पष्ट जानकारी या ठोस आश्वासन नहीं मिल सका।
*राशन कार्ड को लेकर परिवारों में चिंता*
मामला तब और गंभीर हो गया जब कुछ परिवारों ने राशन कार्ड को लेकर भी चिंता जताई। लोगों का दावा है कि स्थानीय डीलर की ओर से जाति एवं निवासी प्रमाण पत्र जमा करने को कहा गया है और प्रमाण पत्र नहीं देने पर राशन कार्ड निरस्त किए जाने की बात कही गई है।हालांकि, राशन कार्ड निरस्त किए जाने संबंधी इस दावे की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। इसके बावजूद गरीब परिवारों में राशन जैसी बुनियादी सुविधा को लेकर चिंता और असमंजस बना हुआ है।
*बच्चों के भविष्य की भी चिंता*
समाज के लोगों का कहना है कि जाति एवं निवासी प्रमाण पत्र उनके लिए महज एक सरकारी कागज नहीं, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, सरकारी योजनाओं का लाभ और भविष्य में बनने वाले अन्य जरूरी दस्तावेजों के लिए महत्वपूर्ण है। प्रमाण पत्र नहीं बनने की स्थिति में आने वाले समय में बच्चों को भी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
*प्रशासन से जांच और समाधान की मांग*
नट समाज के लोगों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि मछिया-स्टिमड्डा पंचायत में रहने वाले परिवारों के दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच कराई जाए और जो परिवार पात्र हैं, उनके जाति एवं निवासी प्रमाण पत्र बनाने की प्रक्रिया को आसान किया जाए। समाज के लोगों ने बताया कि वे जल्द ही अपनी समस्या लेकर गोड्डा उपायुक्त कार्यालय पहुंचेंगे और लिखित रूप से अपनी मांग प्रशासन के समक्ष रखेंगे। उनका कहना है कि वे किसी विशेष सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं, बल्कि वर्षों से जिस क्षेत्र में रह रहे हैं, वहां अपनी पहचान से जुड़े जरूरी दस्तावेज हासिल करने का अधिकार चाहते हैं। अब देखना होगा कि नट समाज के इन परिवारों की शिकायत पर जिला प्रशासन क्या कदम उठाता है। लोगों को उम्मीद है कि प्रशासन दस्तावेजों की जांच कर पात्र परिवारों की समस्या का समाधान करेगा, जिससे जाति-निवासी प्रमाण पत्र और राशन जैसी बुनियादी सुविधाओं को लेकर बनी चिंता दूर हो सके।



