लखनऊ: ‘प्रगति’ मॉडल नए भारत की कार्यसंस्कृति का सशक्त प्रतीक
सीएम योगी आदित्यनाथ ने प्रेस वार्ता में बताया, 86 लाख करोड़ से अधिक की परियोजनाओं को मिली गति, यूपी बना इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन
लखनऊ – मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने आज लखनऊ में आयोजित विशेष प्रेस वार्ता में प्रगति (Pro-Active Governance And Timely Implementation) पोर्टल को नए भारत की नई कार्यसंस्कृति का जीवंत उदाहरण बताते हुए कहा कि यह मॉडल न केवल जनशिकायतों का समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करता है, बल्कि सरकारी कामकाज में जवाबदेही, पारदर्शिता और गति लाता है। उन्होंने इस प्रणाली को राज्य के लिए गेम-चेंजर करार दिया और बताया कि इससे 86 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को राष्ट्रीय स्तर पर गति मिली है।
प्रेस वार्ता में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी विजन की सराहना की। उन्होंने कहा कि ‘प्रगति’ की नींव गुजरात में रखी गई थी और 2014 के बाद इसे राष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया गया। यह प्लेटफॉर्म इंटेंट (दृढ़ इच्छाशक्ति), टेक्नोलॉजी और अकाउंटेबिलिटी के समन्वय से काम करता है, जिससे परिणाम अपने आप सुनिश्चित हो जाते हैं।
मुख्य बिंदु और उपलब्धियां सीएम योगी के बयान से कार्यसंस्कृति में बदलाव: पहले फाइल-केंद्रित शासन था, अब फील्ड-आधारित परिणामों पर फोकस। बैठकों में समस्या पर नहीं, समाधान पर चर्चा होती है। समय की बर्बादी रुकी है और काम की रफ्तार बढ़ी है। जनशिकायत निवारण: प्रगति के माध्यम से जन-शिकायतों का तेज और प्रभावी समाधान। उत्तर प्रदेश में उच्च समाधान दर हासिल की गई है। राष्ट्रीय स्तर पर प्रभाव: प्रगति से 86 लाख करोड़ रुपये से अधिक की परियोजनाओं को गति मिली। इनमें से 377 प्रमुख परियोजनाओं की प्रत्यक्ष समीक्षा प्रधानमंत्री करते हैं। कुल 3162 मुद्दों में से 2958 का समाधान हो चुका है, जो शासन की विश्वसनीयता दर्शाता है।
उत्तर प्रदेश में उपलब्धियां:राज्य के पास 10.48 लाख करोड़ रुपये की 330 परियोजनाओं का देश का सबसे बड़ा इंफ्रास्ट्रक्चर पोर्टफोलियो।इनमें से 128 परियोजनाएं (39%, ₹2.37 लाख करोड़) पूर्ण होकर कमीशन हो चुकी हैं। 202 परियोजनाएं (₹8.11 लाख करोड़) निर्धारित समय-सीमा में प्रगति पर।
65 प्रमुख परियोजनाएं (₹4.19 लाख करोड़) प्रगति के अंतर्गत शामिल, जिनमें से 26 पूर्ण और 39 निर्माणाधीन। यूपी का परिवर्तन: पहले ‘बॉटलनेक स्टेट’ था, अब ‘ब्रेकथ्रू स्टेट’ बन चुका है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क, रेलवे विस्तार, मेट्रो, एयर कनेक्टिविटी, रैपिड रेल, अंतर्देशीय जलमार्ग और रोपवे जैसी परियोजनाएं तेजी से आगे बढ़ रही हैं। प्रभाव: रोजगार सृजन, आर्थिक विकास और जनता को सीधा लाभ। यूपी अब देश का प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर ग्रोथ इंजन बन चुका है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रगति ने डिजिटल गवर्नेंस और कोऑपरेटिव फेडरलिज्म को मजबूत किया है। केंद्र-राज्य और अंतर-विभागीय समन्वय से जटिल बाधाएं दूर हुई हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों से प्रधानमंत्री के विजन के प्रति आभार व्यक्त किया और कहा कि यह मॉडल आर्थिक, सामाजिक और पर्यावरणीय विकास के साथ-साथ सकारात्मक शासन की नई राह खोल रहा है।यह प्रेस वार्ता उत्तर प्रदेश के विकास मॉडल और सुशासन की सफलता को रेखांकित करती है, जहां तकनीक और इच्छाशक्ति से बड़े पैमाने पर परिवर्तन संभव हो रहा है।



