अमरोहा
सात मुहर्रम के जुलूस में गूंजी या हुसैन या हुसैन की सदाएं
अज़ादारों ने की नौहा ख्वानी और सीनाज़नी

नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो
उझारी। नगर में सात मुहर्रम का जुलूस अपने रिवायती अंदाज में निकाला गया। जुलूस में लोग नंगे पैर, नंगे सिर चल रहे थे। हाथों में हरे व काले अलम उठाए हुए थे।

उझारी में हर साल की तरह इस साल भी सात मोहर्रम का जुलूस नगर के मोहल्ला सादात स्थित इमामबारगाहे अबू तालिब से प्रारंभ हुआ। यहां से यह जुलूस मर्सियाख्वानी करते हुए हुसैनी चौक, इमामबारगाहे बाबुल हवाईज, चांदनी चौक, भाटों वाला कुआं पहुंच। वहां से नोहाख्वानी और मातम प्रारंभ हो गया। उसके बाद यह जुलूस मैन मार्केट, मदरसा चौक, मौहल्ला देसलान, मोहल्ला कुम्हारान, गोल इमामबाड़ा, हुसैनी चौक होता हुआ इमामबारगाहे बाबुल हवाइज में पहुंचकर समाप्त हुआ। जुलूस में लोग नंगे सिर और नंगे पांव चल रहे थे। लोगों के हाथों में काले व हरे रंग के आलम थे। या हुसैन या हुसैन की सदाएं बुलंद हो रही थीं। जुलूस में मुख्य रूप से नूरुल हसन, जावेद केसर, मौ० जामिन, कल्बे अब्बास, अकबर मेहंदी, शाने असगर, आफाक बाकरी, मौलाना मशरकैन रिजवी, मौलाना आसिफ रज़ा बाकरी, शकील अलवी, बिलाल बाक़री, कमर मेहंदी, हुसैन मेहंदी, अलाउद्दीन सैफी, जफर अब्बास, आदिल जैदी, मौ० सादिक, अली चांद, सोहेल अब्बास, मौ० राहिल, मौ० अब्बास, डॉ राशिद, मौ० एजाज, सुल्तान हैदर, बंदे हसन, मेहंदी हसन व अरमान बाक़री आदि भारी संख्या में लोग मौजूद रहे।



