
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
जयपुर। जयपुर से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां खुद को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का OSD (सलाहकार) बताकर एक युवक ने अहमदाबाद की ज्वेलर युवती को ठग लिया। युवती से हीरे का हार और ब्रेसलेट ठगने के बाद आरोपी ने 15 लाख रुपए की डिमांड कर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। हैरानी की बात ये है कि आरोपी पहले भी खुद को फर्जी RAS और IPS अफसर बताकर लोगों को चूना लगा चुका है। एयरपोर्ट थाना पुलिस ने रविवार को आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से ठगे गए गहने और SUV गाड़ी जब्त कर ली गई है।
फेसबुक पर शुरू हुई फर्जी दोस्ती, OSD बनकर किया ब्रेनवॉश
डीसीपी (ईस्ट) तेजस्विनी गौतम के अनुसार, आरोपी की पहचान नीरज कुमार शर्मा (26) पुत्र भगवान सहाय, निवासी मनेमा (हिंडौन सिटी, करौली) के रूप में हुई है। वह वर्तमान में जयपुर के दुर्गा कॉलोनी, जवाहर सर्किल क्षेत्र में रह रहा था। युवती ने शनिवार देर रात एयरपोर्ट थाने में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की।
शिकायतकर्ता युवती अहमदाबाद की रहने वाली है और ज्वेलरी का व्यवसाय करती है। एक महीने पहले उसकी फेसबुक पर दीपक शर्मा नाम के प्रोफाइल से दोस्ती हुई। धीरे-धीरे बातचीत बढ़ी और आरोपी ने खुद को गृह मंत्री अमित शाह का OSD बताया। इतना ही नहीं, उसने ये भी दावा किया कि उसके पिता पुलिस अधिकारी हैं और भाई गोवा में IPS है।
प्रोग्राम में आई थी जयपुर, आरोपी ने गहने ले लिए
पीड़िता ने बताया कि तीन दिन पहले वह एक प्रोग्राम में हिस्सा लेने जयपुर आई थी। प्रोग्राम खत्म होने के बाद आरोपी ने उसे जवाहर सर्किल बुलाया। मिलने पर आरोपी ने पहले से रची गई साजिश के तहत उससे डायमंड हार और ब्रेसलेट ले लिए। जब युवती ने गहनों की वापसी की मांग की तो आरोपी ने धमकाना शुरू कर दिया— “किसी को बताया तो बदमाशों से उठवा दूंगा।”
इतना ही नहीं, आरोपी ने अपने ‘कथित रसूख’ का डर दिखाते हुए कहा कि वह अमित शाह का OSD है, उसके रिश्तेदार भी बड़े-बड़े अधिकारी हैं, इसलिए उसका कुछ नहीं बिगाड़ा जा सकता। इसके बाद युवती को ब्लैकमेल करते हुए 15 लाख रुपए की डिमांड करने लगा।
पहले भी कर चुका है फर्जीवाड़ा
पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी है। वह पहले भी खुद को RAS और IPS अफसर बताकर कई लोगों को ठग चुका है। जयपुर और सीकर में उसके खिलाफ फर्जीवाड़े के मुकदमे दर्ज हैं। युवती की शिकायत के बाद पुलिस ने मोबाइल लोकेशन के आधार पर रविवार को दबिश दी और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
SUV और ज्वेलरी जब्त, पूछताछ में कई खुलासे
पुलिस ने आरोपी के पास से ठगे गए हीरे के गहने और XUV गाड़ी जब्त की है, जिसे वारदात में इस्तेमाल किया गया था। आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस को शक है कि उसने इसी तरह कई और लोगों को भी निशाना बनाया होगा। जल्द ही अन्य पीड़ितों की पहचान कर उन्हें भी जांच में शामिल किया जाएगा।
सोशल मीडिया बन रहा बड़ा हथियार अपराधियों का
यह मामला एक बार फिर सोशल मीडिया की आड़ में हो रही ठगी को उजागर करता है। फर्जी पहचान बनाकर, बड़ी-बड़ी राजनीतिक और प्रशासनिक हस्तियों से जुड़ा होने का दावा कर गंभीर अपराधों को अंजाम दिया जा रहा है। पुलिस ने लोगों को आगाह किया है कि सोशल मीडिया पर पहचान की सत्यता की जांच किए बिना किसी से नजदीकियां न बढ़ाएं।
पुलिस की सख्त चेतावनी
जयपुर पुलिस ने साफ किया है कि ऐसे फर्जीवाड़ा करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है और अन्य राज्यों से भी समन्वय कर पुराने मामलों की छानबीन शुरू कर दी गई है। पीड़िता के साहसिक कदम और समय पर दी गई शिकायत से यह मामला सामने आ सका।
यह मामला सिर्फ ठगी नहीं, बल्कि सामाजिक भरोसे के तानेबाने को झकझोरने वाला है — जहां अपराधी बिना किसी डर के सत्ता और सुरक्षा संस्थानों का नाम लेकर मासूम लोगों को शिकार बना रहे हैं।



