बाराबंकी
किसानों को खेती संबंधित आधुनिक तकनीकियों की जानकारी दी गई

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बाराबंकी। किसानों को खेती संबंधित आधुनिक तकनीकियों की जानकारी और सरकार की तरफ से चलाई जा रही खेती-किसानी योजनाओं की जानकारी उपलब्ध कराने के लिए ग्राम पंचायत रजईपुर मे आईपीएम किसान पाठशाला का आयोजन किया गया।
भारत सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, वनस्पति संरक्षण, संगरोध एवं संग्रह निदेशालय के तत्वाधान मे क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र के प्रभारी एवं संयुक्त निदेशक डॉ. ज्ञान प्रकाश सिंह के मार्गदर्शन में आयोजित किसान खेत पाठशाला मे किसानों को कीट व्याधियों के प्रबंधन के लिए आईपीएम के विभिन्न विधियों जैसे व्याहवारिक एवं यांत्रिक विधियों के द्वारा फसल सुरक्षा के लिए विभिन्न प्रपंजो के उपयोग के विषय जानकारी दी गयी प्रशिक्षण में किसान बीजोपचार, कीट व्याधियों की पहचान करना, कृषि तंत्र का अध्ययन करने के साथ, मित्र कीटों की पहचान करने के प्रति जागरूक किया गया।
क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रंबधन केंद्र के संयुक्त निदेशक डा. ज्ञान प्रकाश सिंह ने बताया कि गांव में आगामी चौदह सप्ताह तक नियमित रूप से सब्जी की फ़सल में एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन पर किसान खेत पाठशाला मे जानकारी दी गयी । सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी अमित सिंह ने किसान रासायनिक कीटनाशकों का सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग करने तथा आवश्यकता पड़ने पर केंद्रीय कीटनाशी बोर्ड एवं पंजीकरण समिति द्वारा संस्तुत रासायनिक कीटनाशक ही उपयोग करें। उन्होंने बीजोपचार अभियान के तहत किसानों को ट्राईकोडर्मा विरिडी फंफूदीनाशक से बीज उपचार करने के बारे में बताया गया तथा शत – प्रतिशत बीज उपचार करने पर जोर दिया गया। प्रगतिशील कृषक विपिन वर्मा ने आईपीएम तकनीक अपना कर रासायानिक कीटनाशक का प्रयोग किए बगैर गुणवतायुक्त सब्जी उत्पादित कर अंतर्राष्ट्रीय बाज़ार में निर्यात कर लाभ प्राप्त कर सकेंगे। ।कार्यक्रम में क्षेत्रीय केंद्रीय एकीकृत नाशीजीव प्रबंधन केंद्र, लखनऊ के सहायक वनस्पति संरक्षण अधिकारी धर्मराज सिंह, केशवमूर्ती जी एम तथा फराज अहमद खान उपस्थित रहे ।
इसके अतिरिक्त आरसी आईपीएम सी लखनऊ द्वारा रजईपुर के साथ – साथ क्षेत्र मुश्कीनगर, सैदाबाद तथा विकासखंडसिरौली गौसपुर के औलिया लालपुर गांव में भी आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम में प्रगतिशील कृषकों ने बढ़ – चढ़कर भाग लिया। सभी कृषकों ने आई पी एम किसान खेत पाठशाला में अपनी रुचि दिखाते हुए प्रसन्नता व्यक्त की।



