सिंगरौली
भाजपा सरकार की विकास का ढोल, बरसात होते ही खुली पोल
आजादी के 75 साल के बाद भी नही मिला विकस की रोड

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली। जिला के जनपद पंचायत देवसर क्षेत्रांतर्गत विधानसभा क्षेत्र धौहनी के बूथ क्रमांक 220 तथा 221 के ग्राम पंचायत क्षेत्र कछरा वर्तमान समय में कीचड़ युक्त कच्चे मार्ग के कारण अपने दैनिक जीवन में आने जाने वाले विभिन्न समस्याओं के समाधान के लिए जूझते हुए दृष्टि गोचर हो रहें हैं, ग्राम कछरा से निगरी के लिए निकलने वाली प्रधानमंत्री सड़क से जुड़े होने के बाद भी वार्ड क्रमांक 14 तथा 15 में निवासरत अनुसूचित जनजाति के परिवारों जिनकी जनसंख्या लगभग 300 के आसपास है के लिए स्वतन्त्रता प्राप्ति से आज तक कोई भी सरकार पक्की सड़क निर्माण के लिए किसी भी प्रकार का प्रयास नहीं किया।वार्ड क्रमांक 14 तथा 15 के नागरिक अपने मांग को पूरा करने के लिए विभिन्न माध्यमों से मांग करते रहे हैं लेकिन मांग को स्वीकार करने के कोई भी जनप्रतिनिधि या प्रशासनिक अधिकारी अभी तक रूचि नहीं दिखा पाये हैं। ग्राम कछरा का यह करुणक्रन्दन को सुनने के लिए कोई भी राजनीतिक दल, भविष्य में प्रयास करेंगे अथवा यूं ही इसी हाल में कछरा के नागरिक आंखों में आंसू लिए घूमते रहने को विवस तथा लाचार बने रहेंगे। कितना कष्ट होता है जब नन्हे मुन्ने बच्चे विद्यालय आते जाते कीचड़ से लथपथ हो रहें होते हैं। कितना कष्ट झेलते हुए कृषक कन्धे पर हल लेकर बैलों को हांकता और उसका पैर दलदल में फंस जाता है, कितना कष्ट झेलते हुए किसी रुग्ण बृद्ध जन को खटोले में लिटा कर मुख्य मार्ग तक पहुंचाने का उपक्रम किया जाता है,और तो और यदि कोई शक्ति स्वरूपा को जननी बनने के पूर्व प्रसव वेदना के कारण जननी एक्सप्रेस तक पहुंचाने के लिए लगभग एक किलोमीटर दूर तक चारपाई पर लेटा कर पहुंचाने का उपक्रम कितने विकट परिस्थितियों का सामना करना पड़ता होगा। आज के संवेदनशीलता के आभव वाले जनप्रतिनिधियों के ध्यान में ऐसी समस्याओं के समाधान हेतु विचार क्यों नहीं बन पा रहा है यह विचारणीय विषय है।



