
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
खैरथल : खैरथल हनुमान सर्कल पर खैरथल-तिजारा जिले का नाम और मुख्यालय बचाओ रैली का आयोजन किया गया जिसमें जिलें से किसान संगठनो और परागना के लोग बड़ी संख्या मे खैरथल पहुंचे और जिला बचाओ आंदोलन को अपना समर्थन दिया एक किलोमीटर से भी लम्बी रैली मे हजारों किसान,नौजवान ,महिलाएं शामिल रही। मुंडावर, किशनगढ़बास, कोटकासिम, हरसौली सहित परगना क्षेत्र के लोग सैकड़ों वाहनों के साथ खैरथल पहुंचे। रैली में शामिल लोग तिरंगे झंडे, हाथों में तख्तियां और नारों के साथ सरकार के इस निर्णय का विरोध कर रहे थे। कुछ स्थानों पर पुष्प वर्षा से रैली का स्वागत किया गया, जिससे माहौल और अधिक उत्साहपूर्ण हो गया।
रैली का काफिला मुख्य बाजार से गुजरते हुए जब आगे बढ़ा। युवा बाइक पर नारे लगाते चल रहे थे, वहीं बुजुर्ग और महिलाएं भी निजी गाड़ियों व पैदल शामिल होकर समर्थन जताते दिखे। रैली से पहले आयोजित सभा में वक्ताओं ने भाजपा सरकार और उसके नेताओं पर तीखे हमले बोले। उन्होंने कहा कि खैरथल जिले का नाम बदलना और मुख्यालय स्थानांतरित करना क्षेत्र की जनता की भावनाओं के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने फैसला वापस नहीं लिया तो आंदोलन और अधिक उग्र किया जाएगा। जिला कलेक्टर आफिस जाकर ज्ञापन दिया गया और अनाज मंडी पार्क मे सभा की गई। जिसमे वक्ताओं ने सरकार के उस प्रस्ताव की निन्दा की जिसमे खैरथल-तिजारा जिले का नाम बदलने और मुख्यालय खैरथल से अन्यत्र ले जाने की निंदा की गई। और निर्णय के विरोध मे संघर्ष जारी रखने का आव्हान किया
सभा को संबोधित करने वालों में किशनगढ़ बास विधायक दीपचंद खेरिया, पूर्व प्रधान ओमप्रकाश रोघा व रोहतास चौधरी (मुंडावर), खैरथल नगर परिषद नेता प्रतिपक्ष विक्रम चौधरी, मंडी अध्यक्ष सर्वेश गुप्ता, किसान महापंचायत प्रदेश अध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, जिला अध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी, परगना अध्यक्ष हरसौली जीतराम चौधरी, पूर्व सरपंच रमेश (हरसौली) तथा किसान यूनियन ततारपुर चौराहा के वीर सिंह ढिल्लों,किसान प्रकोष्ठ के जसवंत यादव, विजेंद्र महलावत, राजपूत समाज के अध्यक्ष किशन लाल,पूर्ण दादा हरसौली, धर्मवीर जिंदोली, जीतराम लम्बरदार, सहित अनेक नेताओं ने एक स्वर में कहा कि खैरथल ऐतिहासिक, भौगोलिक और प्रशासनिक दृष्टि से जिला मुख्यालय बनने की सभी कसौटियों पर खरा उतरता है। जनता ने लंबे समय से जिले की मांग की थी और अब उसे नाम बदलकर तथा मुख्यालय स्थानांतरित कर कमजोर करने का प्रयास बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
किसानों ने बातचीत मे बताया चुनाव में वोट तो सांसद सहाब ने इलाके मे पानी लाने के नाम पर मांगे थे और हमने विश्वास करके वोट दिये आज पानी की बात तो हो नही रही हमारे जिले का नाम और मुख्यालय बदला जा रहा है किसने मांग की?
किसान नेताओ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जनता की मांगों पर ध्यान नहीं दिया तो आंदोलन और उग्र रूप लेगा। विधायक दीपचंद खेरिया ने स्पष्ट कहा – “खैरथल-तिजारा की पहचान के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जनता की आवाज सरकार को माननी ही होगी।”
हजारों की तादाद में उमड़े लोगों ने यह साफ कर दिया है कि खैरथल-तिजारा की पहचान और गौरव से समझौता नहीं किया जाएगा। अब पूरे जिले की निगाहें सरकार पर टिकी हैं कि वह जनता की इस चेतावनी को किस तरह लेती है और आने वाले दिनों में क्या फैसला करती है।
दूसरी ओर इसी मुद्दे के विरोध मे हरसोली कस्बा पूर्णतया बंद रहा और हरसोली मे रैली निकाल सांसद का पूतला फूका गया


