सिंगरौली

गायत्री बालिका गृह की जारी है हाई लेवल जांच

अमृत सेवा संस्थान समिति द्वारा संचालित गायत्री बालिका गृह नवजीवन बिहार के संचालिका पर गंभीर आरोप

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली । नवजीवन बिहार सेक्टर नम्बर 1 वार्ड क्रमांक 32 में दो वर्षो से संचालित गायत्री बालिका गृह विवादों में घिर गई है। यहां के संचालिका पर बालिकाओं ने मानसिक उत्पीड़न करने का सनसनीखेज आरोप लगाया है। जिसकी हाई लेवल जांच चल रही है।
 दरअसल अमृत सेवा संस्थान द्वारा संचालित गायत्री बालिका गृह के गतिविधियों एवं वहां पर रहने वाली बालिकाओं को मिलने वाले सुविधाओं का जायजा लेने प्रधान मजिस्ट्रेट किशोर न्याय बोर्ड, कंचन गुप्ता विशेष न्यायाधीश पास्को पिछले सप्ताह एक साथ पहुंची हुई थी। जहां बालिकाओं ने संचालिका पर गंभीर आरोप लगाया है। सूत्र बताते हैं कि बालिकाओं ने मानसिक उत्पीड़न करने की शिकायत की। इस सनसनीखेज शिकायत को सुन प्रधान मजिस्ट्रेट एवं विशेष न्यायाधीश दंग रह गई। प्रधान मजिस्ट्रेट के द्वारा उक्त मामले की जांच के लिए विशेष न्यायाधीश पास्को को निर्देशित किया गया, जिसकी जांच चल रही है। प्रधान न्यायाधीश द्वारा उक्त गृह का सीसीटीव्ही फुटेज का डीबीआर को जप्त कर लिया गया है। वहीं उक्त मामले की जानकारी न्यायाधीश के द्वारा कलेक्टर सिंगरौली को दी गई। सूत्र आगे बताते हैं कि कलेक्टर गौरव बैनल ने उक्त मामले को अतिसंवेदनसील मानते हुये तीन सदस्यीय हाई लेवल की जांच गठित कर तत्काल प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के लिए निर्देशित किया। कलेक्ट्रर द्वारा गठित जांच टीम में तहसीलदार नगर सिंगरौली सविता यादव, सिविल सर्जन जिला चिकित्सालय डॉ. कल्पना रवि एवं जिला पंचायत लेखाधिकारी प्रियंका सिंह शामिल हैं। जानकारी यह मिली है कि विशेष न्यायाधीश पास्को के लिए अलावा उक्त तीन सदस्यीय टीम ने भी गायत्री बालिका गृह नवजीवन बिहार पहुंच बालिकाओं का कथन भी लिये हैं। जहां करीब 9 बालिकाओं ने अपनी-अपनी पीड़ा सुनाई है। इस बालिका गृह में ज्यादातर रीवा, सीधी व सतना की बालिकाएं हैं। यहां बताते चले कि गायत्री बालिका गृह में 50 बालिकाओं की क्षमता है। यहां 6 से 18 वर्ष की ऐसी बालिकाएं रह सकती हैं, जो लावारिस हों, परित्कता या हिंसा का शिकार अथवा परिवार से बिछड़े हों, उन्ही को रखने का प्रावधान है। हालांकि इसका पालन भी हो रहा है, लेकिन सरकार के दिशा-निर्देशों को संचालिका ने दरकिनार कर दिया है। फिलहाल उक्त संस्था पर सनसनीखेज आरोप लगने के बाद संस्था प्रमुख बालिकाओं को बहलाने-फुसलाने में पूरी जोर अजमाइस लगा दी है, लेकिन अब संचालिका की मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
मानको को पूरा नही कर रही गायत्री बालिका गृह
जानकारी के मुताबिक अमृत सेवा संस्थान समिति के द्वारा संचालित गायत्री बालिका गृह निर्धारित मानको को पूरा नही कर रही है। बताया जाता है कि यहां 12 पद स्वीकृत हैं। जिसमें हाउस मदर, काउंसलर, शिक्षक, केशवर्कर, केयर टेकर एवं सुरक्षा गार्ड शामिल हैं। परंतु उक्त संस्थान को संचालिका मॉ-बेटी मिलकर ही चला रही हैं। वहीं यह भी चर्चा है कि उक्त संस्था को सत्ताधारी नेताओं का भी संरक्षण है। हालांकि ऐसा भी नही है कि संस्थान को देखने-परखने पूर्व में पदस्थ कलेक्टर एवं जनप्रतिनिधि में जा चुके हैं। परंतु बालिकाओं से यदि रू ब रू हुये होते तो आज ऐसे हालात न बनते। कहीं न कहीं इसमें डीपीओ को भी दोषी ठहराया जा रहा है।
एक बालिका ने अपने कलाइयों को नुकीलो से खरोचा
न्यायाधीश एवं जांच टीम के निरीक्षण के दौरान एक बालिका अपनी कलाइयों को किसी धारदार नुकीलो से खरोची है। यह स्पष्ट नही हो पा रहा है कि बालिका ने किस धारदार नुकीलो से खरोचा है। जहां जांच टीम द्वारा बालिका से पूछतांछ भी की गई। इस दौरान कई चौकाने वाले रहस्य सामने आये हैं, लेकिन इसका खुलासा नही हो पाया है। परंतु यह चर्चा है कि उक्त संस्था को मॉ-बेटी संचालित कर रही हैं और मॉ-बेटी मिलकर बालिकाओं को मानसिक रूप से प्रताड़ित करती हैं। उक्त आश्रम को अन्य जगह सिफ्ट कराने के लिए पुलिस भी पहुंची थी, लेकिन चर्चाओं के मुताबिक संचालिका ने बालिकाओं पर अपना मोह-माया फैला दी। पुलिस बैरंग लौटने को मजबूर हो गई।
इनका कहना:-
जांच रिपोर्ट तैयार कर प्रतिवेदन कलेक्टर के यहां प्रस्तुत कर दिया गया है।
सविता यादव
तहसीलदार, नगर सिंगरौली
Show More

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button