सिंगरौली
दुधिचुआ सीएचपी में कार्य कर रहे एक कर्मचारी की हुई मौत

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
सिंगरौली : सिंगरौली जिले के दुद्धिचुआ परियोजना की सीएचपी में सोमवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें एक कर्मी रामसजीवन वैश्य (लगभग 47 वर्ष) की मौत हो गई। इस हादसे के घटनाक्रम को लेकर दो अलग-अलग प्रकार के पहलू चर्चा में हैं, जिससे ये अभी कन्फर्म नहीं कि ये मौत कैसे घटनाक्रम के दौरान हुई? और न ही इस संबंध में परियोजना प्रबंधन की ओर से कोई आधिकारिक पुष्टि सामने आयी है। ऐसे में मामला इस हादसे की जांच पर ही अब निर्भर करता है, जिससे इस हादसे की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार की दोपहर करीब डेढ़ से दो बजे बजे के दौरान ये हादसा हुआ। उस दौरान वहां पर एक पीसी ऑपरेटर व एक फोरमैन मौजूद थे, जो अपने-अपने कार्य में लगे थे, लेकिन इस घटना को होते देखा किसी ने नहीं। जब रामसजीवन लहूलुहान होकर गिर पड़े, तक उन पर नजर पड़ी, उस दौरान उनके जिंदा बचने के हालात न के बराबर थे। इस हादसे से एक बार फिर से दुधिचुआ परियोजना के खदान क्षेत्र में माइंस सेफ्टी सवालों के घेरे में आ गई है।
इस प्रकार हुई घटना
इस संबंध में बताया जा रहा है सीएचपी में फिटर रामसजीवन ड्यूटी दौरान जहां पर कार्य करा रहे थे, वहां कोयले को टुकड़ों में करने वाली मशीन रॉक ब्रेकर काफी समय से ब्रेक डाउन पड़ी थी। जिससे वहां पर पीसी के द्वारा कार्य कराया जा रहा था और जब पीसी का बकेट ऊपर की ओर उठा, तो बकेट रॉक ब्रेकर बूम से टकरा गया। बकेट के टकराने से उसका एक बड़ा हिस्सा टूटकर इधर-उधर टकराते हुये रामसजीवन के सिर पर जा गिरा और उन्हें बुरी तरह से लहूलुहान कर दिया। जिससे रामसजीवन की मौत हो गई। ये भी चर्चा है कि ऊपर जाते समय पीसी का बकेट रॉक ब्रेकर के बूम से टकराया, जिससे भारी-भरकम बूम स्लाइड हुआ और उसकी चपेट में रामसजीवन आ गये, जिससे उनकी मौत हो गई।
बताया जा रहा है कि इस हादसे के बाद आनन-फानन में परियोजना प्रबंधन के लोग सक्रिय हो गये। हादसे के बाद रामसजीवन को नेहरू अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। वहां पहुंचे मृतक के परिजनों की चीख-पुकार से पूरा माहौल गमगीन हो गया और हादसे में लापरवाही का आरोप लगाते परिजनों का गुस्सा भी फूट पड़ा। परिजन काफी देर तक अपनी मांग व जांच की मांग पर अड़े रहे। हालांकि, उन्हें समझाया गया कि रामसजीवन कंपनी के कर्मचारी थे, तो कंपनी के नियम के अनुसार नौकरी व परिवार के भरण-पोषण आदि के लिए आवश्यक तमाम भत्ते आदि दिये जायेंगे।



