बहराइच
बहराइच में भेड़ियों के आतंक को लेकर खौफ में ग्रामीण,पूरे क्षेत्र में डर का माहौल
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बहराइच। जनपद के तहसील कैसरगंज में मंझारा तौकली के पराग पुरवा गांव में चार वर्षीय बच्ची पर हमला कर भेड़िए द्वारा निवाला बनाने के बाद कैसरगंज वासी महसी में बीते वर्ष 2024 – 25 में हुए भेड़ियों के आतंक को याद कर खौफजदा हैं।
मंझारा तौकली का परागपुरवा गांव जहां भेड़िए ने बच्ची को निशाना बनाया है। महसी से करीब 25 किलोमीटर दूर है। हो ना हो ये भेड़ियों का दूसरा कुनबा हो जिसमें का कोई सदस्य हिंसक हो गया हो। हालांकि उसकी तलाश में वनविभाग ट्रैप कैमरों का जाल बिछाया है व सुरक्षा के अन्य उपाय भी किए जा रहे हैं।
4 मार्च 2024 से महसी में शुरू हिंसक वन्य जीवों का आतंक अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महीनों सुर्खियों में रहा। जब 28 मार्च को पहला भेड़िया पकड़ा गया तो भेड़ियों का खौफ सर चढ़ कर बोलने लगा और 02 जुलाई से हुए ताबड़तोड़ हमलों से पूरे प्रदेश में हड़कंप मच गया। 2024 में कुल 84 हमले हुए जिसमें 10 की मौत, 2 लापता, 72 घायल और 2025 में अब तक 16 हमले हुए जिसमें 2 की 14 घायल हुए। इस तरह महसी में अब तक भेड़ियों सहित वन्य जीवों के कुल 100 कुल हमले हो चुके हैं जिसमें 12 की मौत 2 लापता और 86 लोग घायल हो चुके हैं। अब तक कड़ी मशक्कत के बाद वन विभाग ने महसी के घाघरा कछार से 2024 में 7 भेड़ियों को पकड़ा था। 2025 में फिर शुरू हुई हमले की घटनाओं के बाद 7 जून 2025 को एक और भेड़िया पकड़ा। अब तक कुल महसी में आठ भेड़िए रेस्क्यू किए जा चुके हैं।
-वन विभाग द्वारा महसी में अब तक पकड़े गए हैं 8 भेड़िए
28 मार्च 24 – सिसैय्या चूड़ामणि के कोलैला गांव- एक मादा व एक अवयस्क नर सहित 2 भेड़िया।
03 अगस्त 24 – सिसैय्या चूड़ामणि एक मादा भेड़िया।
08 अगस्त 24 – सिसैय्या चूड़ामणि – एक नर भेड़िया।
18 अगस्त 24 – सिसैय्या चूड़ामणि एक मादा भेड़िया।
29 अगस्त 24 – सिसैय्या चूड़ामणि एक नर भेड़िया।
10 सितंबर 24 – सिसैय्या चूड़ामणि के हरिबख्श पुरवा – एक मादा भेड़िया।
07 जून 25 – बंभौरी के पचासा गांव के पास एक मादा भेड़िया।
मंझारा तौकली में घाघरा के किनारे कुछ पगचिह्न मिले हैं। हमलावर भेड़िए को पकड़ने के लिए दो पिंजड़े लगाए गए हैं। गोंडा और श्रावस्ती से एक एक टीम और बुलाई गई है। अब नौ टीमें, पांच ट्रैप कैमरे चार सीसीटीवी व दो ड्रोन से मूवमेंट ट्रेस किया जा रहा है। प्रभावित इलाके में जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है।- राम सिंह यादव, डीएफओ



