गोड्डा
आठ साल पुराने मुकदमे में मंत्री दीपिका पांडेय बरी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
आठ साल पुराने एक बहुचर्चित मामले में झारखंड की ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री सह महागामा विधायक दीपिका पांडेय सिंह को गुरुवार को दुमका एमपी-एमएलए विशेष अदालत से बड़ी राहत मिली है।अदालत ने उन्हें आरोपों से बरी कर दिया।विशेष न्यायिक दंडाधिकारी मोहित चौधरी की अदालत ने महागामा थाना कांड संख्या 72/2017 में दर्ज मामले में मंत्री समेत छह अन्य आरोपितों को निर्दोष मानते हुए मुक्त कर दिया। यह मामला वर्ष 2017 का है। उस समय महागामा में सड़क दुर्घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया था।स्थिति को देखते हुए तत्कालीन कांग्रेस जिला अध्यक्ष रहीं दीपिका पांडेय सिंह मौके पर पहुंचीं थीं।इसी दौरान सरकारी कार्य में बाधा और अन्य आरोपों में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
फैसले के बाद मंत्री ने कहा कि यह केवल मेरी नहीं, बल्कि उन सभी निर्दोष लोगों की जीत है, जिन्हें राजनीतिक द्वेष की वजह से वर्षों तक परेशान किया गया। उन्होंने कहा कि सत्य को दबाया जा सकता है, लेकिन हराया नहीं जा सकता।अदालत का यह फैसला न्याय व्यवस्था में जनता का विश्वास और मजबूत करने वाला है।दीपिका पांडेय सिंह ने इस मामले को पूर्व भाजपा विधायक अशोक भगत की साजिश बताया।उन्होंने कहा कि उस समय 80 वर्ष के बुजुर्ग से लेकर कई युवाओं तक को इस मुकदमे में फंसाया गया था। न्यायालय के फैसले से यह साफ हो गया कि राजनीति की झूठी साजिशें सच्चाई के सामने टिक नहीं सकतीं।



