विकास के नाम पर प्राकृतिक से छेड़छाड़ न करे, पेड़ लगाकर पर्यावरण को हरा भरा रखे- राजेश
Do not tamper with nature in the name of development, keep the environment green by planting trees - Rajesh

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
साहिबगंज। गंगा मिशन कोलकाता द्वारा आयोजित गंगा हरित अभियान के तहत गुरुवार को भरतीया कॉलोनी रोड स्थित बाबूलाल नंदलाल बोहरा चैरिटेबल ट्रस्ट परिसर में सरस्वती शिशु विधा मंदिर के छात्र छात्राओं के बीच फलदार पौधा वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया। चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स अध्यक्ष राजेश अग्रवाल, सेवानिवृत शिक्षक पंडित जगदीश शर्मा, विद्यालय शिक्षक अमित कुमार सिंह सहित अन्य ने आम, लीची का पौधा स्कूली छात्रों को देकर कार्यक्रम की शुरुआत की। ईस्टर्न चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने कहा कि प्राकृतिक आपदा जो आ रही है वो विकास के नाम पर प्राकृतिक से छेड़छाड़ करने पर हो रहा है। वृक्ष ही प्राकृतिक है, प्राकृतिक ही जीवन है। प्रत्येक वर्ष वृक्ष का जन्मदिन अवश्य मनाए। शिक्षक अमित कुमार सिंह ने कहा कि एक वृक्ष सौ पुत्र के समान है, कोरोना काल में हमलोगों ने ऑक्सीजन के महत्व को समझा। पेड़ पौधा लगाकर पर्यावरण वातावरण को हरा भरा रखे। सेवानिवृत शिक्षक पंडित जगदीश शर्मा ने कहा कि वृक्ष नहीं होगा तो बारिश नहीं होगा, भोजन नहीं मिलेगा। पानी की आवश्यकता वायु की आवश्यकता, खाने की आवश्यकता पेड़ पौधा से ही होता है। प्रतिदिन वृक्ष का सेवा करके उसको बड़ा करे, पहला फल का सेवन करे मन आनंदित होगा। पौधा से हरियाली के साथ साथ पक्षियों को रहने के लिए अपना घर मिलता है। वही चौथे दिन पौधा वितरण कार्यक्रम में 453 स्कूली छात्र छात्राओं व आम जनो के बीच आम, नारियल, शरीफा, आंवला, कटहल, लीची, अमरूद, तूत, खिन्नी, बेल, मालबेरी सहित अन्य फलदार पौधा का वितरण किया गया है। सुबह 7 बजे से 8 बजे तक पौधा वितरण किया जाएगा। वही स्कूली छात्र छात्राएं शिक्षक अमित कुमार सिंह व शिक्षिका की अगुवाई में हाथों में पौधा लेकर शहर भ्रमण करते हुए लोगों को पेड़ लगाने के प्रति जागरूक किया ओर एक पेड़ मां के नाम, पौधा लगाए जीवन बचाए, प्राकृतिक को हरा भरा रखे जैसे जागरूकता नारा लगाया। मौके पर चेम्बर्स ऑफ कॉमर्स सचिव अंकित केजरीवाल, सुरेश निर्मल, ऋषभ खुडानिया, राजेश गुप्ता, राजू पाठक, चन्दन सिंह, सरस्वती शिशु विधा मंदिर के शिक्षक शिक्षिका सैकड़ों छात्र व गणमान्य लोग मौजूद थे।



