बाल विवाह के खिलाफ जागरूकता कार्यक्रम आयोजित
Awareness program against child marriage organized

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
पाकुड़। 13 दिसंबर 2025 को पाकुड़ जिले के RSETI केंद्र में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के तहत स्वयं सहायता समूह (SHG) की महिलाओं के साथ एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा 27 नवंबर 2024 को शुरू किए गए अभियान के एक वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर जिला प्रशासन के सहयोग से आयोजित किया गया। कार्यक्रम में पीरामल फाउंडेशन से मीना ठाकुर, Association for Voluntary Action से मनिदीपा साहा तथा पीसीआई से अनीस अंसारी उपस्थित रहे। वक्ताओं ने बताया कि बाल विवाह न केवल कानूनन अपराध है, बल्कि यह बच्चों के स्वास्थ्य, शिक्षा और भविष्य पर गंभीर नकारात्मक प्रभाव डालता है। बालिकाओं को कम उम्र में विवाह के कारण शिक्षा छोड़नी पड़ती है, जिससे उनका सर्वांगीण विकास बाधित होता है। कार्यक्रम के दौरान बाल विवाह से संबंधित एक लघु फिल्म प्रदर्शित की गई। साथ ही बाल विवाह निषेध अधिनियम, 2006 की जानकारी दी गई, जिसमें बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु की बालिका एवं 21 वर्ष से कम आयु के बालक का विवाह दंडनीय अपराध है। इस अवसर पर SHG सदस्यों ने अपने-अपने समुदाय में सतर्कता बरतने तथा किसी भी बाल विवाह की सूचना तुरंत प्रशासन को देने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में जिले के सभी प्रखंडों से लगभग 100 SHG दीदी एवं RSETI के कर्मी उपस्थित थे। सभी ने एक स्वर में “बाल विवाह मुक्त समाज” बनाने की शपथ ली।



