ललितपुर
पहलवान गुरुदीन महिला महाविद्यालय पनारी ललितपुर में नुक्कड़ नाटक का आयोजन

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
ललितपुर: पहलवान गुरुदीन महिला महाविद्यालय पनारी ललितपुर में *राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 सड़क सुरक्षा अभियान तथा जीरो फ़ैटिलिटी समाधान में आज दिनांक 3 जनवरी 2026 को महाविद्यालय में नुक्कड़ नाटक का आयोजन कर यातायात नियमों और सड़क सुरक्षा के नियमों से अवगत कराया गया।*
कार्यक्रम का शुभारंभ महाविद्यालय की प्रबंधक श्रीमती सितारा देवी, अध्यक्ष श्रीमती कंचन लता यादव, प्रबंध निर्देशिका डॉक्टर पूजा यादव, प्राचार्य डॉक्टर सूफिया एवं समस्त महिला स्टाफ के द्वारा मां सरस्वती के चरणों में पुष्प अर्पित एवं दीप प्रज्वलित कर किया गया।
नाटक में प्रतिभाग करने वाली छात्राएं एम ए तृतीय सेमेस्टर कीर्ति पंत, मुस्कान राजा बीए प्रथम सेमेस्टर शिवा पटेल बीए तृतीय सेमेस्टर से नीलम,कल्पना, रश्मि मुस्कान बीए 5th सेमेस्टर से श्रद्धा निरंजन ,प्रिंशी यादव अन्य छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
कार्यक्रम में एनएसएस ,एनसीसी, रोवर्स रेंजर्स,उन्नत भारत के वालंटियर एवं अन्य पाठ्यक्रमों में अध्यनरत छात्राओं ने प्रतिभाग किया।
महाविद्यालय के प्रबंधक श्रीमती सितारा देवी ने छात्राओं के इस विशेष नुक्कड़ नाटक प्रस्तुति को देखकर कहा कि सड़क सुरक्षा के नियम और कानून कहते हैं कि गाड़ी चलाते समय कभी भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। सीटबेल्ट और हेलमेट पहनें।
फुटपाथों पर संभलकर चलें और जेब्रा क्रॉसिंग से ही क्रॉस करें।सभी ट्रैफिक सिग्नल का पालन करें। जब चलने के लिए सिग्नल हरा दिखाई दे तो चलें। समय ट्रैफिक लाइट का पालन करें।
महाविद्यालय की प्रबंध निर्देशिका डॉक्टर पूजा यादव ने छात्राओं के द्वारा किए गए नुक्कड़ नाटक के उद्देश्य को बताते हुए कहा कि बच्चों को बुनियादी सुरक्षा संकेतों और चिह्नों के बारे में पता होना चाहिए। उन्हें पता होना चाहिए कि हरे रंग का मतलब है गुजरना और लाल का मतलब है रुकना।
साथ ही, उन्हें चलती कारों और वाहनों से अपने हाथों को बाहर नहीं निकालना सीखना चाहिए।
उन्हें पता होना चाहिए कि सड़क कैसे पार करनी है। इसलिए, बच्चों को रुको, देखो और चलो नियम का पालन करना सिखाएं।गति सीमा का ध्यान रखें।
महाविद्यालय की प्राचार्य डॉक्टर सूफिया ने छात्राओं को सड़क सुरक्षा हेतु कुछ विशेष नियमों की जानकारी देते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा नियम और कानून कहते हैं कि गाड़ी चलाते समय कभी भी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। सीटबेल्ट और हेलमेट पहनें। फुटपाथों पर संभलकर चलें और जेब्रा क्रॉसिंग से ही क्रॉस करें।
बच्चों को केवल कर्वसाइड पर बस से उतरना भी बच्चों के लिए सड़क सुरक्षा नियमों में शामिल है।
साथ ही अचानक दरवाजे न खोलें। अपने पीछे देखने के बाद ही दरवाजे खोलें और देखें कि कोई वाहन उस तरफ तो नहीं आ रहा है। रात के समय गहरे रंग के कपड़े कभी भी न पहनें। चालक उचित दूरी पर चलने वाले व्यक्ति को पहचानने में सक्षम होने चाहिए।कभी भी शराब पीकर वाहन न चलाएं।
नागरिकों, बच्चों और पैदल चलने वालों का ध्यान रखें।
सड़क सुरक्षा नियम सभ्य जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है। यह महत्वपूर्ण है कि प्रत्येक नागरिक, सरकार द्वारा तय नियमों को जानता हो और उनका पालन करता हो। यहां तक कि इस बारे में बच्चों और किशोरों को भी देश में सड़क नियमों के बारे में शिक्षित और जागरूक किया जाना चाहिए।
इस दौरान कार्यक्रम में गृह विज्ञान विभागाध्यक्ष एवं एनसीसी/ एनएसएस प्रथम इकाई अधिकारी कैप्टन डॉ.वंदना,असि.प्रो. प्रकाश खरे, असि. प्रो. प्रीति शुक्ला, बी.एड. विभागाध्यक्ष असि.प्रो. रत्ना याज्ञिक, एनएसएस द्वितीय इकाई कार्यक्रम अधिकारी असि. प्रो. साधना नागल, असि. प्रो.रंजना श्रीवास्तव, असि. प्रो. सुषमा पटेल, असि. प्रो. आरती बुंदेला, श्रीमती रजनी यादव,श्री राघवेंद्र सिंह, श्री मुस्ताक खान , श्री दीपेंद्र यादव, श्रीमती गेंदा, मालती राज, नेहा अहिरवार, श्रीमती विमला, श्री राम सहाय, श्री परमानंद एवं समस्त छात्राएं मौजूद रहीं।
