
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
चौसाना। क्षेत्र के सुंदर नगर निवासी एक मजदूर की सालों की मेहनत की कमाई बैंक खाते से गायब हो गई। बेटी की शादी के लिए जो रकम उसने बूंद-बूंद जोड़कर जमा की थी, वह कुछ ही दिनों में निकाल ली गई। जब पीड़ित मजदूर जरूरत पड़ने पर बैंक पहुंचा तो खाते का बैलेंस शून्य देखकर उसके होश उड़ गए। मामला सामने आते ही बैंकिंग सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।
चौसाना क्षेत्र के सुंदर नगर निवासी निर्मल बीते आठ वर्षों से गांव के ही नवाब सिंह चेयरमैन के यहां नौकरी कर रहा है। मजदूरी कर वह अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहा है। उसकी तीन बेटियां और एक बेटा है। बड़ी बेटी की शादी के लिए वह लंबे समय से बैंक खाते में थोड़ी-थोड़ी रकम जमा कर रहा था। पीड़ित का कहना है कि उसे हस्ताक्षर करना नहीं आता, इसलिए बैंक रिकॉर्ड में अंगूठा लगाया हुआ है। उसके पास न तो मोबाइल फोन है और न ही बैंक खाते में कोई मोबाइल नंबर दर्ज है।
निर्मल ने बताया कि शुक्रवार को उसे आठ हजार रुपये की जरूरत पड़ी थी। इसी कारण वह बैंक पहुंचा, जहां खाते में शून्य बैलेंस देखकर वह स्तब्ध रह गया। बाद में जानकारी करने पर सामने आया कि उसके खाते से अंगूठा स्कैनर के जरिए पांच बार रकम निकाली गई। पहली बार 28 अक्टूबर 2025 को रुद्रपुर से चार हजार रुपये, 12 नवंबर 2025 को वहीं से छह हजार रुपये, 16 नवंबर 2025 को मुजफ्फरनगर से चार हजार रुपये, 18 नवंबर 2025 को दस हजार रुपये और 21 नवंबर 2025 को फिर मुजफ्फरनगर से दस हजार रुपये निकाले गए।
घटना की जानकारी मिलने पर पीड़ित ने नवाब सिंह चेयरमैन को फोन कर बैंक बुलाया। नवाब सिंह का कहना है कि जब न तो पीड़ित के पास मोबाइल है और न ही ओटीपी आया, फिर पैसे कैसे निकले, यह बड़ा सवाल है। पीड़ित ने साइबर थाना झिंझाना में प्रार्थना पत्र देकर रकम वापस दिलाने की मांग की है।
