मुरादाबाद
एक दिन की बारिश ने खोली नगर निगम व स्मार्ट सिटी के अफसरों की पोल

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
मुरादाबाद। मानसून की दस्तक ने मुरादाबाद के ज्यादातर इलाकों की शक्ल तालाब जैसी कर दी। इन तस्वीरों के साथ ही मुरादाबाद के मेयर, नगर निगम अफसर और स्मार्ट सिटी के कर्ताधर्ताओं के दूरदर्शिता के दावे भी खोखले साबित कर दिए। स्मार्ट सिटी के नाम पर शहर में अरबों रुपया लगा दिया गया। लेकिन किसी भी शहर को स्मार्ट बनाने के लिए सबसे अहम माने जाने वाले उसके बुनियादी ढांचे पर हमारे नगर निगम और स्मार्ट सिटी ने कितना काम किया। उनके अफसरों की वह मेहनत यह तस्वीर गवाही दे रही है मुरादाबाद में मानसून की दस्तक के बाद जहां लोगों ने लंबे समय के इंतजार के बाद बारिश होने से गर्मी से हल्की राहत की सांस ली है। तो वहीं यह बारिश लोगों के लिए मुश्किल का सबक भी बन गई है। सुबह हुई बारिश से जहां मौसम सुहाना हुआ तो वहीं मुरादाबाद में कई दृश्य ऐसे दिखाई दिए जहां बारिश से सड़के तालाब बन गई है।
दरअसल स्मार्ट सिटी के नाम पर
मुरादाबाद में तमाम हिस्सों में फुटपाथों पर नगर निगम की ओर से खोखे लगवा दिए गए हैं। जो इलाके जाम की मार से थोड़ा बचे थे वहां सड़कों के किनारे 5 से 7 मीटर तक की चौड़ाई में सब्जी फल वालों को फुटपाथ आवंटित कर दिया गया है। स्मार्ट सिटी में जहां शहर के बुनियादी ढांचे को भविष्य के हिसाब से विकसित करने की जरूरत थी वहीं तमाम सड़के फुटपाथों पर खोखे और दुकानें सजने से छोटी हो गई है। जो इलाके जाम से बचे थे वह भी जाम की चपेट आ चुके हैं। दूसरी ओर बुनियादी सुविधाओं का आलम यह है कि मामूली बारिश में भी शहर का ड्रेनेज सिस्टम जवाब दे जाता है। सीवर सिस्टम तो अरबों रुपए बहाने के बावजूद पहले से ही फेल साबित हो रहा है।



