
धनिष्ठा नक्षत्र के महासंयोग में की शिव की भक्ति
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
भरतपुर। कस्बे सहित उपखण्ड क्षेत्र में आज 17 फरवरी मंगलवार को हिन्दी संवत् के आखिरी महीने की फाल्गुन कृष्ण पक्ष की अमावस्या को फाल्गुनी अमावस्या के नाम से भी जाना जाता हैं। जहां घरों में श्रद्धालुओं द्वारा पितृ तर्पण, दान दक्षिणा करते हुए पितरों की आत्मा की शांति हेतु कामना की गई। वहीं भौमवती अमावस्या के दिन कस्बे के प्रमुख कोठी वाले हनुमानजी मन्दिर परिसर, हूंकारेश्वर महादेव मन्दिर, विश्वकर्मा मन्दिर, भगत राज वाले हनुमान जी मन्दिर, बनखंडी वाले हनुमान जी मन्दिर, बड़वाले शिम्भू हनुमानजी मन्दिर, बरपाड़ा स्थित अथाई वाले हनुमान जी मन्दिर प्रांगण आदि सहित विभिन्न शिवालयों मन्दिरों में भगवान शिव एवं हनुमानजी की विधि विधान पूर्वक पूजा अर्चना करते हुए अपनी हाजिरी लगाकर मनोकामनाएं मांगी गई।वहीं विद्वान पंडितों की जानकारी देते हुए बताया कि ज्योतिष शास्त्र एवं धार्मिक मान्यताओं के अनुसार मंगलवार के दिन अमावस्या पर धनिष्ठा नक्षत्र का संयोग बन रहा है जहां यह श्रद्धालुओं, सनातन धर्म प्रेमियों के क़र्ज़ मुक्ति, पितृदोष शांति और मंगल ग्रह के दोषों को करने के लिए अत्यन्त महत्वपूर्ण होने के साथ घर में सुख-समृद्धि और उन्नति का मार्ग प्रशस्त होता है। वहीं उन्होंने बताया कि अमावस्या के दिन जरुरतमन्दों लोगों को कंबल, जूते,छाता, तिल जैसे उपयोगी वस्त्रों आदि वस्तुएं दान करने से अपनी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं।



