नेशनल प्रेस टाइम्स – विशेष साक्षात्कार

अशोक प्रजापति, ठेकेदार और नगर पंचायत दोघट के भावी प्रत्याशी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बड़ौत (बागपत) : नगर पंचायत दोघट के भावी चुनावी समीकरणों में इन दिनों एक नाम तेजी से चर्चा में है – अशोक प्रजापति। पेशे से ठेकेदार अशोक प्रजापति अब राजनीति में कदम रख रहे हैं। ईमानदारी और सेवा भाव के साथ क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना चुके प्रजापति ने नेशनल प्रेस टाइम्स से खुलकर बातचीत की।
प्रश्न 1: अशोक जी, आप पेशे से ठेकेदार हैं, राजनीति में आने का विचार कैसे आया?
अशोक प्रजापति: देखिए, मैंने हमेशा काम को सेवा समझकर किया है। ठेकेदारी में भी समय पर और ईमानदारी से काम पूरा किया। लेकिन जब देखा कि नगर पंचायत दोघट में सफाई, पानी, सड़कों और रोशनी जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी है, तो लगा कि अब सीधे जिम्मेदारी उठानी चाहिए। यही सोचकर चुनाव मैदान में उतरने का फैसला किया।
प्रश्न 2: नगर पंचायत दोघट के लिए आपकी प्राथमिकताएँ क्या होंगी?
अशोक प्रजापति: मेरी पहली प्राथमिकता होगी कि नाली-खड़ंजा, पेयजल और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं को दुरुस्त किया जाए। इसके अलावा शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर भी ध्यान दूँगा। मैं चाहता हूँ कि दोघट को एक मॉडल नगर पंचायत के रूप में पहचान मिले।
प्रश्न 3: आपको क्या लगता है, जनता आपको क्यों चुने?
अशोक प्रजापति: जनता मुझे जानती है। शादी-ब्याह हो, बीमारी हो या कोई कार्यक्रम – मैं हमेशा मौजूद रहता हूँ। मैं दिखावा नहीं करता। लोग मुझे अपना मानते हैं, और यही मेरा सबसे बड़ा चुनावी हथियार है – जनता का विश्वास।
प्रश्न 4: आपके विरोधियों से आपकी अलग पहचान क्या है?
अशोक प्रजापति: देखिए, कई लोग चुनाव आने पर जनता को याद करते हैं। लेकिन मैं सालों से लोगों के साथ खड़ा हूँ। सेवा मेरा स्वभाव है, और राजनीति मेरे लिए सिर्फ एक माध्यम है। यही अंतर मुझे दूसरों से अलग करता है।
प्रश्न 5: अगर आप जीतते हैं, तो दोघट की तस्वीर कितने समय में बदल पाएंगे?
अशोक प्रजापति: बदलाव एक दिन में नहीं आता। लेकिन अगर जिम्मेदारी मिली तो पहले साल में ही सफाई व्यवस्था, स्ट्रीट लाइट और पानी जैसी समस्याओं पर बड़ा सुधार दिखाऊँगा। धीरे-धीरे दोघट को आधुनिक और विकसित नगर पंचायत बनाना मेरा लक्ष्य है।
अशोक प्रजापति का प्रोफाइल
- पेशा: ठेकेदार (सिविल कार्यों में वर्षों का अनुभव)
- छवि: ईमानदारी और समय पर काम पूरा करने के लिए पहचाने जाते हैं
- सामाजिक जुड़ाव: विवाह, बीमारी और ग्राम्य आयोजनों में हमेशा सहयोगी भूमिका निभाते रहे
- राजनीतिक सोच: सेवा को राजनीति का आधार मानते हैं, व्यक्तिगत लाभ से ऊपर जनहित को प्राथमिकता देते हैं
- लक्ष्य: नगर पंचायत दोघट को “मॉडल नगर पंचायत” बनाना, जहाँ सफाई, पानी, रोशनी, शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाएँ हर नागरिक को समान रूप से उपलब्ध हों।
अशोक प्रजापति का आत्मविश्वास उनके शब्दों में साफ झलकता है। जनता से सीधा जुड़ाव, साफ-सुथरी छवि और विकास आधारित सोच उन्हें चुनावी दौड़ में मजबूत दावेदार बनाती है। अब देखना यह होगा कि जनता इस भरोसे को वोट में कितनी मजबूती देती है।



