बेतुल
बैतूल थाना अंतर्गत सट्टा कारोबार जोरों पर थाना प्रभारी की भूमिका संदिग्ध

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल सट्टा के कारोबार ने पूरी तरह से अपनी गिरफ्त में ले लिया है। थाना बैतूल पुलिस कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति कर रही है। थाना बैतूल अंतर्गत सट्टा संचालित करने वाले प्रियांशु पाल के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिस का उन्हें तनिक भी खौफ नहीं है। जुआ-सट्टा के खिलाफ पुलिस कार्रवाई करने का दावा तो कर रही है, लेकिन उसके बाद भी लगाम नहीं लग पा रही है। कभी-कभार पुलिस दो-चार छोटे एजेंटों को पकड़ कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री कर लेती है, जबकि हकीकत यह है कि प्रियांशु पाल के कारनामों को जानने के बाद भी पुलिस के स्थानीय और आला अधिकारी चुप्पी साधे बैठे हैं। यही वजह है कि यह कारोबार जिला बैतूल मे ओर आसपास के क्षेत्र में फल-फूल रहा है। बैतूल में सट्टा किंग प्रियांशु पाल जैसे खाईवालों की फौज खड़ी हो गई है। सूत्र बताते हैं कि बैतूल में कई ऐसे स्थान हैं, जहां शाम होते ही महफिल सज जाती है। माना जा रहा है कि बैतूल प्रियांशु पाल द्वारा रोजाना लाखों रुपये का सट्टा खिलाया जा रहा है। सूत्रों की मानें तो बैतूल क्षेत्र में कई ऐसी जगहों में सट्टा संचालित हो रहा है, जहां लाखों का सट्टा खिलाया जा रहा है लेकिन पुलिस प्रियांशु पाल पर कार्रवाई नहीं कर पा रही है। जिससे प्रतीत हो रहा है कि इसमें थाना बैतूल प्रभारी की प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष भूमिका है। क्राइम बैठक में पुलिस अधीक्षक के निर्देशों का भी नहीं हो रहा असर नये अपराध को रोकने व् पुराने मामलों के निबटारा के लिए पुलिस विभाग के आला अफसर हर माह में एक बार तो तमाम पुलिस अधिकारी और कर्मचारियों की बैठककर छोटे बड़े अपराधों की जानकारी लेते है जिसमें अपराधों की जानकारी के साथ अन्य अपराधों पर भी आला अफसर अपराधों को रोकने के भी निर्देश देते है लेकिन जिस तरह सट्टा का कारोबार संचालित हो रहे है इससे अंदाजा लगाया जा सकता है थाना प्रभारी द्वारा कही ना कही उन आदेश निर्देशों को अनदेखा कर रहे है और नतीजा ये है की सट्टा के कारोबार में इजाफ इजाफा हो रहा है और सट्टेबाजों को इसका भरपर मुनाफा मिल रहा।



