
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
महागामा। चैत महीने में जहां खेतों में कटाई की रौनक होनी चाहिए, वहीं महागामा अनुमंडल क्षेत्र में कुदरत ने ऐसा कहर बरपाया कि किसानों की मेहनत एक झटके में बर्बाद हो गई। शनिवार की सुबह करीब 5 बजे से शुरू हुई झमाझम बारिश ने पूरे इलाके की तस्वीर बदल दी।खेतों में तैयार खड़ी गेहूं, मक्का और दलहन की फसलें बारिश और तेज हवा के कारण पूरी तरह धराशायी हो गई हैं। कई जगहों पर पानी भर जाने से फसल सड़ने की कगार पर पहुंच गई है। जो किसान कटाई शुरू कर चुके थे, उनकी फसल भीगकर खराब हो रही है। हर चेहरे पर मायूसी, हर खेत में बर्बादी का मंजर गांव-गांव में किसानों के चेहरे पर गहरी चिंता और मायूसी साफ झलक रही है। सालभर की मेहनत और उम्मीदें इस बेमौसम बारिश ने छीन ली हैं। कर्ज लेकर खेती करने वाले किसानों के सामने अब गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है लाखों का नुकसान, बढ़ सकता है संकट प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, इस बारिश से लाखों रुपये की फसल बर्बाद हो चुकी है। अगर मौसम जल्द साफ नहीं हुआ तो नुकसान और बढ़ने की आशंका है। प्रशासन से मदद की गुहार पीड़ित किसानों ने प्रशासन से तुरंत फसल क्षति का सर्वे कराने और उचित मुआवजा देने की मांग की है। उनका कहना है कि अगर जल्द राहत नहीं मिली, तो परिवार चलाना भी मुश्किल हो जाएगा। मौसम का बदला मिजाज बना चिंता का कारण विशेषज्ञों का मानना है कि चैत में इस तरह की बारिश असामान्य है और यह बदलते मौसम का संकेत है, जो आने वाले समय में खेती के लिए नई चुनौतियां खड़ी कर सकता है।फिलहाल महागामा में हर नजर आसमान पर टिकी है, इस उम्मीद में कि बारिश थमे और तबाही का सिलसिला रुक सके।




