बालाघाट

जिला शिक्षा अधिकारी ने ली प्राचार्यों की समीक्षा बैठक

नए शिक्षा सत्र की तैयारियों और प्रवेश उत्सव पर दिया जोर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : जिला शिक्षा अधिकारी ए. के. उपाध्याय द्वारा 26 मार्च 2026 को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय बालाघाट के सभा कक्ष में जिले के शासकीय उच्चतर माध्यमिक एवं हाई स्कूल प्राचार्यों की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में नए शिक्षा सत्र 2026-27 की तैयारियों, प्रवेश प्रक्रिया, शैक्षणिक गुणवत्ता एवं विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई।
बैठक में बताया गया कि नवीन शिक्षा सत्र 01 अप्रैल 2026 से प्रारंभ हो रहा है। इस अवसर पर “प्रवेश उत्सव” को उत्साहपूर्वक मनाने के लिए सभी प्राचार्यों को विद्यालयों की साफ-सफाई, पेयजल व्यवस्था, सजावट, रंगोली, पेंटिंग एवं सेल्फी पॉइंट तैयार करने के निर्देश दिए गए। साथ ही कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, गणमान्य नागरिकों एवं पालकों को आमंत्रित करने के लिए भी कहा गया।
बैठक में 19 मार्च से 30 जून 2026 तक संचालित जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विद्यालयों में विभिन्न गतिविधियां आयोजित करने के निर्देश दिए गए। इसके लिए तिथिवार कैलेंडर तैयार किया गया है, जिसके अनुसार निबंध प्रतियोगिता, पोस्टर एवं रंगोली, जागरूकता रैली, शपथ ग्रहण एवं पेयजल स्रोतों की साफ-सफाई जैसे कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। सभी प्राचार्यों को कार्यक्रम के बाद प्रतिवेदन, फोटो एवं पेपर कटिंग भेजना अनिवार्य किया गया।
विकासखंड कार्यालयों में प्राप्त पाठ्यपुस्तकों एवं साइकिलों का वितरण शीघ्र सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। प्राचार्यों को कहा गया कि वे सामग्री प्राप्त कर विद्यार्थियों में वितरण करें तथा इसकी ऑनलाइन एंट्री भी पोर्टल पर दर्ज करें। बैठक में कक्षा 9वीं एवं 11वीं के वार्षिक परीक्षा परिणाम की समीक्षा की गई। अनुत्तीर्ण विद्यार्थियों के लिए मई माह में आयोजित होने वाली द्वितीय परीक्षा की तैयारी हेतु विशेष कक्षाएं संचालित करने के निर्देश दिए गए। टाइमटेबल मंडल कार्यालय द्वारा जारी किया जा चुका है।
बैठक में लंबित MPTAASC एवं छात्रवृत्ति प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, “हमारे शिक्षक” एप पर शिक्षकों की 100% ई-अटेंडेंस सुनिश्चित करने, प्रवेश प्रक्रिया 24 मार्च से प्रारंभ, 31 मार्च तक शत-प्रतिशत नामांकन पूरा करने, किसी भी विद्यालय में ड्रॉपआउट की स्थिति न बनने देने के सख्त निर्देश दिये गए। जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी प्राचार्यों को निर्देशित किया कि वे शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने एवं शासन की योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करने में पूरी जिम्मेदारी के साथ कार्य करें।
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