शामली
ममता का मुखौटा उतरा: ‘मां’ ही निकली मासूम की साजिशकर्ता, अपहरण का झूठा खेल रच रचाई साजिश
तीन साल के बच्चे को बनाया बदले का हथियार, रंजिश में इंसानियत शर्मसार,

पड़ोसियों को फंसाने के लिए रचा अपहरण का ड्रामा, पुलिस ने 9 घंटे में खोला राज,बंद मकान से सकुशल बरामद हुआ मासूम, मां-मौसी-मामा की साजिश बेनकाब
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। रिश्तों की दुनिया में ‘ममता’ को सबसे पवित्र माना जाता है, लेकिन कैराना में सामने आई इस घटना ने इस विश्वास को झकझोर कर रख दिया। यहां एक महिला ने ही अपने तीन साल के मासूम को साजिश का मोहरा बना डाला। रंजिश में अंधी ‘मां’ ने ऐसा खौफनाक खेल रचा कि मासूम की जिंदगी तक दांव पर लगा दी।
मोहल्ला इस्लामनगर में पुरानी रंजिश के चलते महिला ने अपने ही बच्चे के अपहरण की झूठी कहानी गढ़ी। उसने रो-रोकर माहौल को भावनात्मक बनाया और आनन-फानन में अपहरण का मुकदमा दर्ज करा दिया। मामला इतना पेचीदा था कि शुरुआत में पुलिस भी गुमराह होती नजर आई। लेकिन कैराना पुलिस ने सतर्कता दिखाते हुए हर पहलू पर जांच शुरू की। समय के खिलाफ चल रही इस जंग में करीब नौ घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने मासूम को सकुशल बरामद कर लिया। यहीं से पूरे षड्यंत्र की परतें खुलनी शुरू हो गईं। जांच में सामने आया कि मासूम को गायब कराने वाली कोई और नहीं, बल्कि उसकी मुंहबोली मां सना ही थी। उसने अपने मामा महबूब और मौसी गुलिस्ता के साथ मिलकर पूरी साजिश रची थी। बच्चे को एक बंद पड़े मकान में छिपाकर अपहरण का नाटक किया गया, ताकि पड़ोसियों को झूठे मुकदमे में फंसाया जा सके।बताया गया कि दो दिन पहले हुए विवाद ने इस साजिश को जन्म दिया। बदले की आग में अंधे होकर आरोपियों ने मासूम की जिंदगी तक दांव पर लगा दी। अगर पुलिस समय रहते सक्रिय न होती, तो निर्दोष लोग जेल पहुंच जाते और एक झूठ सच बन जाता।पुलिस ने मामले में महबूब पुत्र सईद और गुलिस्ता पत्नी राशिद को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि अन्य आरोपियों से पूछताछ जारी है।
बंद मकान में घुटती रहीं मासूम की सांसें
साजिश का शिकार बना तीन वर्षीय मासूम घंटों तक बंद मकान में कैद रहा। पड़ोसियों को जब उसके रोने की आवाज सुनाई दी तो उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा खुलवाकर बच्चे को सुरक्षित बाहर निकाला। समय पर की गई कार्रवाई से मासूम की जान बच गई, वरना बड़ा हादसा हो सकता था।
विधवा बोली—पुलिस ने बचा लिया परिवार
फर्जी अपहरण केस में फंसाए जाने की साजिश से बची एक विधवा महिला ने पुलिस कार्रवाई की सराहना की। उन्होंने कहा कि निष्पक्ष जांच से सच्चाई सामने आई और उनका परिवार बर्बाद होने से बच गया। साथ ही उन्होंने मांग की कि बच्चे की पूरी पृष्ठभूमि की जांच हो और साजिश में शामिल सभी लोगों को सख्त सजा दी जाए।यह घटना सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि समाज के लिए चेतावनी है—जब रंजिश हदें पार कर जाती है, तो रिश्तों की पवित्रता भी तार-तार हो जाती है… और इस बार ‘ममता’ ही सबसे बड़े कटघरे में खड़ी नजर आई।


