बागपत

सरकारी जमीन की पैमाइश करने पहुंची टीम पर हमला

उग्र भीड़ और प्रशासन के बीच तीखी झड़प

बागपत के बिराल गांव में भारी हंगामा, अतिरिक्त पुलिस बल बुलाने की नौबत; पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद संभाले हालात
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो।
रमाला (बागपत) : तहसील बड़ौत क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मौजा बिराल में सरकारी भूमि की पैमाइश के दौरान उस समय तनावपूर्ण स्थिति पैदा हो गई, जब निशानदेही करने पहुंची राजस्व विभाग और लोक निर्माण विभाग (PWD) की संयुक्त टीम का ग्रामीणों के एक समूह ने विरोध शुरू कर दिया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि मौके पर अफरा-तफरी मच गई और प्रशासन तथा ग्रामीणों के बीच तीखी नोकझोंक हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को काफी मशक्कत करनी पड़ी।
खसरा नंबर 344 की सरकारी भूमि की हो रही थी पैमाइश
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शासन के निर्देशों के अनुपालन में खसरा नंबर 344 में दर्ज सरकारी भूमि की निशानदेही और पैमाइश के लिए राजस्व विभाग तथा पीडब्ल्यूडी की संयुक्त टीम गठित की गई थी। टीम में नायब तहसीलदार बड़ौत, कानूनगो यशपाल सिंह, हल्का लेखपाल विजेंद्र सिंह, लेखपाल धर्मेंद्र कुमार तथा अमित शर्मा शामिल थे। वहीं लोक निर्माण विभाग की ओर से अवर अभियंता हर्ष कुमार और अपर अभियंता राजेंद्र सिंह सैनी अपनी तकनीकी टीम के साथ मौके पर पहुंचे थे। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात किया गया था।
पैमाइश शुरू होते ही बढ़ा विरोध
बताया जाता है कि जैसे ही अधिकारियों ने भूमि की पैमाइश और सीमांकन की प्रक्रिया प्रारंभ की, कुछ स्थानीय लोगों ने आपत्ति जतानी शुरू कर दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर एकत्र हो गए और विरोध तेज हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ लोगों ने सरकारी कार्रवाई को रोकने का प्रयास किया और अधिकारियों के साथ तीखी बहस होने लगी।
स्थिति धीरे-धीरे तनावपूर्ण होती चली गई और मौके पर मौजूद कर्मचारियों तथा अधिकारियों को कार्य करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। प्रशासनिक टीम ने लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन माहौल लगातार गर्माता गया।
पुलिस और भीड़ के बीच तनावपूर्ण स्थिति
घटना के दौरान माहौल इतना तनावपूर्ण हो गया कि कुछ समय के लिए स्थिति नियंत्रण से बाहर होती दिखाई दी। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्काल मोर्चा संभालते हुए भीड़ को शांत करने का प्रयास किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों से संयम बरतने और सरकारी कार्य में सहयोग करने की अपील की।
काफी देर तक चली समझाइश और सख्ती के बाद पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया तथा हंगामा कर रहे लोगों को मौके से हटाया। पुलिस की तत्परता और सूझबूझ के चलते किसी बड़ी अप्रिय घटना की आशंका टल गई।
प्रशासन ने दिए सख्त कार्रवाई के संकेत
घटना के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सरकारी भूमि की पैमाइश और सीमांकन पूरी तरह वैधानिक प्रक्रिया का हिस्सा है तथा इसमें बाधा उत्पन्न करना कानूनन अपराध है। अधिकारियों ने कहा कि सरकारी कार्य में अवरोध पैदा करने, लोक सेवकों के साथ अभद्र व्यवहार करने तथा कानून-व्यवस्था प्रभावित करने वाले व्यक्तियों की पहचान की जा रही है।
मौके पर मौजूद वीडियो फुटेज, फोटोग्राफ और अन्य साक्ष्यों के आधार पर संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का कहना है कि दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
घटना के बाद बिराल गांव और आसपास के क्षेत्र में पुलिस एवं प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। स्थिति फिलहाल नियंत्रण में बताई जा रही है, लेकिन किसी भी संभावित विवाद को देखते हुए प्रशासन द्वारा लगातार निगरानी रखी जा रही है। अधिकारियों ने ग्रामीणों से शांति बनाए रखने और सरकारी कार्यों में सहयोग करने की अपील की है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि भूमि से जुड़े मामलों का समाधान पारदर्शी और कानूनी प्रक्रिया के तहत होना चाहिए, ताकि भविष्य में इस प्रकार के विवाद और तनाव की स्थिति उत्पन्न न हो।
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