एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम के लंबित मामलों की डीजीपी ने की समीक्षा, त्वरित कार्रवाई के दिए निर्देश
DGP reviews pending cases under the SC/ST (Prevention of Atrocities) Act; issues directives for swift action.

नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। पुलिस महानिदेशक झारखंड तदाशा मिश्र ने अनुसूचित जाति/जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज लंबित मामलों की समीक्षा बैठक की। बैठक में लंबित कांडों में गिरफ्तारी, वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की की कार्रवाई, पीड़ितों को मुआवजा एवं पुनर्वास, फास्ट ट्रैक/ स्पीडी ट्रायल, दोषसिद्धि (Conviction) तथा झूठे मामलों (False Cases) से संबंधित बिंदुओं पर विस्तृत समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पुलिस महानिदेशक ने संबंधित अधिकारियों से लंबित मामलों की वर्तमान स्थिति, अनुसंधान की प्रगति एवं न्यायालयीन प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति समुदाय से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ कार्रवाई करते हुए लंबित मामलों का त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि पीड़ितों को नियमानुसार मुआवजा एवं पुनर्वास की सुविधा समय पर उपलब्ध कराना प्रशासन एवं पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। साथ ही फरार आरोपियों के विरुद्ध गिरफ्तारी, वारंट, इश्तेहार एवं कुर्की जैसी कानूनी प्रक्रियाओं को प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए। डीजीपी ने फास्ट ट्रैक एवं स्पीडी ट्रायल के माध्यम से मामलों के शीघ्र निष्पादन तथा दोषियों को सजा दिलाने के लिए अभियोजन एवं अनुसंधान इकाइयों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करने पर जोर दिया। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि गलत मामलों की पहचान कर नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि कानून का दुरुपयोग न हो। बैठक में पुलिस विभाग के संबंधित वरीय अधिकारी एवं पदाधिकारी उपस्थित रहे। समीक्षा के उपरांत डीजीपी ने अधिकारियों को अनुसूचित जाति/ जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के मामलों में प्रभावी, निष्पक्ष एवं समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।



