बाराबंकी
एक टेक्निशियन की छुट्टी से ठप हुई स्वास्थ्य व्यवस्था
बड़ागांव सीएचसी में तीन दिनों से बंद एक्स-रे सेवा, मरीज निजी सेंटरों के चक्कर लगाने को मजबूर"

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बाराबंकी। सरकार ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए करोड़ों रुपये खर्च कर रही है, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। बाराबंकी जिले के कस्बा बड़ागांव स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में पिछले तीन दिनों से एक्स-रे सेवा पूरी तरह ठप पड़ी हुई है। इससे प्रतिदिन आने वाले दर्जनों मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। मजबूर होकर मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों का सहारा लेना पड़ रहा है, जहां उन्हें अतिरिक्त आर्थिक बोझ भी उठाना पड़ रहा है।अस्पताल परिसर में स्थापित डिजिटल एक्स-रे मशीन पिछले काई दिनों से बंद पड़ी है। हैरानी की बात यह है कि मशीन मौजूद होने के बावजूद मरीजों को उसका लाभ नहीं मिल पा रहा है। अस्पताल प्रशासन की ओर से कोई वैकल्पिक व्यवस्था भी नहीं की गई है, जिससे मरीजों की परेशानी और बढ़ गई है जहांगीराबाद निवासी अर्जुन कुमार ने बताया कि उनके दाहिने हाथ में चोट लगने के कारण डॉक्टर ने एक्स-रे कराने की सलाह दी थी। वह 29,5,2026 को पहले सीएचसी बड़ागांव पहुंचे, जहां उन्हें बताया गया कि एक्स-रे मशीन खराब है और जांच नहीं हो सकती। अगले दिन फिर आने पर भी उन्हें वही जवाब मिला। फिर अगले दिन जब वह पुनः अस्पताल पहुंचे तो कर्मचारियों ने बताया कि एक्स-रे टेक्निशियन अमित कुमार वर्मा दस दिनों की छुट्टी पर गए हुए हैं और उनके लौटने के बाद ही एक्स-रे सेवा शुरू हो सकेगी। मरीजों का आरोप है कि अस्पताल प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आम जनता को भुगतना पड़ रहा है। गरीब और जरूरतमंद लोग, जो सरकारी अस्पतालों पर निर्भर रहते हैं, उन्हें निजी जांच केंद्रों पर जाकर सैकड़ों रुपये खर्च करने पड़ रहे हैं। इससे सरकार की मुफ्त और सुलभ स्वास्थ्य सेवा की मंशा पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सूत्रों के अनुसार सीएचसी बड़ागांव क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। ऐसे में एक्स-रे जैसी महत्वपूर्ण जांच सेवा का बंद होना अस्पताल की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाता है। जब इस संबंध में सीएचसी अधीक्षक डॉ. राधेश्याम गौड़ से बात की गई तो उन्होंने बताया कि फिलहाल अस्पताल में एक्स-रे संचालन के लिए कोई अन्य तकनीशियन उपलब्ध नहीं है। एक्स-रे टेक्निशियन अमित कुमार वर्मा अवकाश पर हैं और उनके वापस आने के बाद ही सेवा पुनः सुचारु हो सकेगी। अब सवाल यह उठता है कि यदि एक कर्मचारी के अवकाश पर जाने से पूरे अस्पताल की महत्वपूर्ण जांच सेवा ठप हो जाती है, तो स्वास्थ्य विभाग की वैकल्पिक व्यवस्था और प्रबंधन व्यवस्था कितनी मजबूत है? क्षेत्रीय लोगों ने जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग के उच्च अधिकारियों से तत्काल संज्ञान लेकर एक्स-रे सेवा बहाल कराने तथा मरीजों को राहत दिलाने की मांग की है।
बड़ागांव सीएचसी में काई दिनों से बंद पड़ी है एक्स-रे सेवा। मरीजों को निजी डायग्नोस्टिक सेंटरों पर जाने की मजबूरी। एक्स-रे टेक्निशियन के अवकाश पर जाने से रुका पूरा काम। अस्पताल प्रशासन के पास नहीं है कोई वैकल्पिक व्यवस्था। गरीब मरीजों पर बढ़ा आर्थिक बोझ।



