ललितपुर
महाराणा प्रताप व महाराजा छत्रसाल की जयंती श्रद्धा एवं उत्साह के साथ मनाई गई
अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा ने वीर शासकों के योगदान को किया याद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के तत्वावधान में रावतयाना स्थित संगठन कार्यालय पर मेवाड़ के वीर शासक महाराणा प्रताप सिंह सिसोदिया एवं बुंदेलखंड केसरी महाराजा छत्रसाल जूदेव की जयंती श्रद्धा, सम्मान एवं उत्साह के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने दोनों महापुरुषों के चित्रों पर माल्यार्पण एवं पुष्प अर्पित कर उनके योगदान को स्मरण किया। कार्यक्रम का शुभारंभ श्रीराम दरबार, महाराणा प्रताप एवं महाराजा छत्रसाल जूदेव के चित्रों समक्ष दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। वक्ताओं ने दोनों वीर शासकों के जीवन, संघर्ष और राष्ट्र तथा धर्म रक्षा के लिए दिए गए योगदान पर प्रकाश डाला। जिलाध्यक्ष बृजेन्द्र सिंह परमार ने कहा कि महाराणा प्रताप भारतीय इतिहास के ऐसे महान योद्धा थे, जिन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी स्वाभिमान और स्वतंत्रता से कभी समझौता नहीं किया। उन्होंने कहा कि महाराणा प्रताप का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। वक्ताओं ने कहा कि महाराणा प्रताप ने अपने पराक्रम और अदम्य साहस से इतिहास में अमिट छाप छोड़ी। वहीं महाराजा छत्रसाल जूदेव ने बुंदेलखंड की धरती पर वीरता और स्वाभिमान का नया अध्याय लिखा। उनके संघर्ष और नेतृत्व ने क्षेत्र को नई पहचान दिलाई। महामंत्री भगवत सिंह ने कहा कि दोनों महापुरुषों की जयंती तिथि के अनुसार मनाई जाती है। उन्होंने महाराजा छत्रसाल के जीवन पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बुंदेलखंड के गौरव महाराजा छत्रसाल ने अपने शौर्य और नेतृत्व से जनता के बीच विशेष स्थान बनाया। उनके पराक्रम से जुड़ा प्रसिद्ध दोहा आज भी लोगों की जुबान पर है छत्ता तेरे राज में धक-धक धरती होय, जित-जित घोड़ा पग धरे उत-उत फत्ते होय। इस दौरान देवेंद्र सिंह चौहान, भूपेंद्र सिंह तोमर, सुरेन्द्र सिंह बुंदेला, भगवत सिंह बैंस, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, शैलेंद्र राजा बुंदेला, राजेंद्र सिंह, अमरेंद्र सिंह, अमित सिंह, अभय सिंह परमार, हरेंद्र प्रताप सिंह, वीरपाल सिंह बुंदेला, सूर्यप्रताप सिंह सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।



