बेतुल
बैतूल जयस का अनिश्चितकालीन सांकेतिक भूख हड़ताल आंदोलन शुरू
पेपर लीक और छात्र दमन के विरोध में शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रखने का ऐलान

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बैतूल। पेपर लीक मामलों, छात्र-छात्राओं पर कथित पुलिस दमन और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर गुरुवार से बैतूल में जय आदिवासी युवा शक्ति (जयस) एवं विभिन्न सामाजिक और छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से अनिश्चितकालीन सांकेतिक भूख हड़ताल और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। रानी दुर्गावती ऑडिटोरियम में आयोजित आंदोलन में बड़ी संख्या में सामाजिक, छात्र और जयस संगठन के कार्यकर्ता शामिल हुए।
आंदोलन के तहत जयस कार्यकर्ता एवं प्रतियोगी परीक्षार्थी राघव कुमरे ने 23 जुलाई से सांकेतिक भूख हड़ताल शुरू की है। आयोजकों ने इसे अनिश्चितकालीन आंदोलन बताते हुए कहा कि पेपर लीक प्रकरणों की नैतिक जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान को अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। संगठनों का आरोप है कि पेपर लीक की घटनाओं के कारण कई छात्र-छात्राओं ने आत्महत्या की है, इसलिए दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लीक जैसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और समाज के हाशिए पर रहने वाले छात्र-छात्राओं को निष्पक्ष अवसर मिल सके।
प्रदर्शनकारियों ने छात्र-छात्राओं पर कथित बर्बरतापूर्ण पुलिस कार्रवाई का भी विरोध जताते हुए कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले युवाओं पर दमन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आंदोलन में जयस जिला अध्यक्ष संदीप धुर्वे, अधिवक्ता दर्शन बुन्देले, अधिवक्ता महेश उइके, दिलीप पन्द्राम, राघव कुमरे, रितिक बाबा परते सहित विभिन्न सामाजिक एवं छात्र संगठनों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे।



