
नेशनल प्रेस टाइम्स ब्यूरो।
रांची। एक मंच पर झारखंड के अलग-अलग जिलों से पहुंचे करीब 500 टॉपर विद्यार्थी। हाथों में सम्मान और आंखों में भविष्य के बड़े सपने। इसी बीच आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की एक मेधावी बच्ची के हाथ में जब लैपटॉप पहुंचा, तो समारोह का माहौल भावुक हो उठा। यह पहल पाकुड़ के समाजसेवी लुत्फल हक ने की। उन्होंने जरूरतमंद मेधावी बच्ची को लैपटॉप भेंट कर यह संदेश दिया कि प्रतिभा को केवल सम्मान ही नहीं, बल्कि आगे बढ़ने के लिए जरूरी संसाधन भी मिलने चाहिए। रांची के हज हाउस में रविवार को फ्रेंड्स ऑफ वीकर सोसाइटी, रांची की ओर से फेलिसिटेशन, स्कॉलरशिप डिस्ट्रीब्यूशन कम करियर काउंसलिंग कार्यक्रम के तहत ‘गाला अवार्ड समारोह-2026’ का आयोजन किया गया। समारोह में मैट्रिक और इंटरमीडिएट परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले करीब 500 छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। समारोह में लुत्फल हक ने मेधावी विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ाते हुए उन्हें बेहतर शिक्षा के लिए प्रेरित किया। आर्थिक रूप से कमजोर परिवार की मेधावी बच्ची को लैपटॉप प्रदान करते हुए उन्होंने कहा कि आज के डिजिटल दौर में शिक्षा और तकनीक एक-दूसरे से जुड़ चुके हैं। आर्थिक अभाव के कारण किसी प्रतिभावान बच्चे का सपना अधूरा नहीं रहना चाहिए। उन्होंने समाज के सक्षम लोगों से जरूरतमंद विद्यार्थियों की मदद के लिए आगे आने की अपील की। कहा कि किसी बच्चे को सही समय पर सही संसाधन मिल जाए, तो उसकी प्रतिभा को नई उड़ान मिल सकती है। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हफीजुल हसन, मंत्री, कल्याण विभाग, झारखंड सरकार रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को सम्मानित करते हुए उन्हें आगे की पढ़ाई और अपने लक्ष्य के प्रति गंभीर रहने के लिए प्रेरित किया। विशेष अतिथि डॉ. नवाज देवबंदी, प्रसिद्ध उर्दू कवि एवं बालिका शिक्षा के प्रबल समर्थक, भी समारोह में मौजूद रहे। वहीं शिल्पी नेहा तिर्की, मंत्री, कृषि विभाग, झारखंड सरकार, शमशेर आलम, उपाध्यक्ष, झारखंड अल्पसंख्यक आयोग, एम.टी. राजा, विधायक, राजमहल तथा नौशाद आलम, डीआईजी, विशेष शाखा, रांची ने भी विद्यार्थियों को सम्मानित किया और उनका मार्गदर्शन किया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों को केवल सम्मानित ही नहीं किया गया, बल्कि उन्हें आगे की पढ़ाई, करियर चयन और बेहतर भविष्य के लिए मार्गदर्शन भी दिया गया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों से मेहनत, अनुशासन और अपने लक्ष्य के प्रति निरंतर समर्पित रहने की अपील की। करियर काउंसलिंग के माध्यम से विद्यार्थियों को उनकी रुचि और क्षमता के अनुरूप भविष्य के विकल्पों को समझने की जानकारी भी दी गई। समारोह ने यह संदेश भी दिया कि प्रतिभा किसी बड़े शहर या संपन्न परिवार की मोहताज नहीं होती। झारखंड के छोटे-छोटे गांव और कस्बों से निकलने वाले बच्चे भी यदि उन्हें सही अवसर, संसाधन और मार्गदर्शन मिले तो राज्य और देश का नाम रोशन कर सकते हैं। करीब 500 मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित करने वाला यह समारोह अपने आप में खास था, लेकिन जरूरतमंद बच्ची को दिया गया लैपटॉप पूरे आयोजन का सबसे भावुक क्षण बन गया। एक ओर मंच पर सैकड़ों टॉपर विद्यार्थी सम्मान प्राप्त कर रहे थे, वहीं दूसरी ओर एक गरीब मेधावी बच्ची के हाथ में आया लैपटॉप शिक्षा, समान अवसर और डिजिटल सशक्तीकरण का प्रतीक बन गया। लुत्फल हक की यह पहल इस बात की मिसाल बनी कि किसी विद्यार्थी को सिर्फ मंच पर सम्मानित करना ही पर्याप्त नहीं है। यदि उसके सपनों को पूरा करने के लिए जरूरी साधन भी उपलब्ध करा दिए जाएं, तो वही सम्मान उसके भविष्य की नई शुरुआत बन सकता है। समारोह में डॉ. माजिद आलम, प्रसिद्ध शल्य चिकित्सक, डॉ. शम्सुन नहर, प्राचार्य, जे.एन. कॉलेज, धुर्वा, गुलाम समदानी, संयुक्त सचिव, झारखंड राज्य हज समिति, डॉ. आरिफ हबीब, संयुक्त निदेशक, हाइदर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट, पिथोरिया, रांची समेत कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।



