पेपर आउट और सॉल्वर गैंग के 20 हजार के इनामी आरोपी को दिल्ली से दबोचा
मेरठ पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त कार्रवाई, 2023 से चल रहा था वांछित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
मेरठ। प्रतियोगी परीक्षाओं में सेंधमारी कर पेपर आउट कराने और सॉल्वर के जरिए अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से पास कराने के मामले में मेरठ पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। थाना सिविल लाइन पुलिस और स्वाट टीम नगर ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी मोनू उर्फ प्रशान्त कुमार सिंह को दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ विभिन्न जनपदों में प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं।
पुलिस के अनुसार, आरोपी की गिरफ्तारी के बाद आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया गया।
2023 में दर्ज हुआ था मुकदमा
पुलिस के मुताबिक, 28 जून 2023 को एसटीएफ फील्ड यूनिट मेरठ के निरीक्षक सुनील कुमार की तहरीर पर थाना सिविल लाइन में मुकदमा दर्ज किया गया था। आरोप था कि कुछ लोग संगठित होकर अभ्यर्थियों से अवैध धनराशि लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं के प्रश्नपत्र आउट कराने, प्रश्नपत्र हल कराने और सॉल्वर के माध्यम से अभ्यर्थियों को फर्जी तरीके से पास कराने का काम कर रहे थे।
मामले में धारा 419, 420, 467, 468, 471, 120बी और 34 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था।
विवेचना में सामने आया नाम, घोषित हुआ इनाम
विवेचना के दौरान मोनू उर्फ प्रशान्त कुमार सिंह पुत्र ओमपाल सिंह/रामअवतार, निवासी ग्राम खटाना, थाना जारचा, जनपद गौतमबुद्धनगर का नाम सामने आया। पुलिस के अनुसार आरोपी लगातार वांछित चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी पर 20 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।
पुलिस का दावा है कि आरोपी के खिलाफ अलग-अलग जनपदों में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित कई मुकदमे दर्ज हैं। जांच के दौरान यह बात भी सामने आई कि पूर्व में गिरफ्तारी के समय आरोपी ने अपने पिता का नाम अलग-अलग बताया था।
उत्तराखंड के मामले में CBI कर रही जांच
पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ देहरादून के थाना रायपुर में वर्ष 2025 में उत्तराखंड प्रतियोगी परीक्षा अधिनियम के तहत भी मुकदमा दर्ज है। इस मामले की जांच सीबीआई उत्तराखंड द्वारा की जा रही है।
छह मुकदमों में सामने आया नाम
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मोनू उर्फ प्रशान्त कुमार सिंह के खिलाफ उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में प्रतियोगी परीक्षाओं से संबंधित छह मुकदमे दर्ज हैं। इनमें सार्वजनिक परीक्षा अधिनियम से जुड़े मामले गाजियाबाद, मुजफ्फरनगर और गौतमबुद्धनगर में दर्ज हैं, जबकि मेरठ में वर्ष 2023 में धोखाधड़ी, कूटरचना और आपराधिक साजिश से संबंधित मुकदमा दर्ज हुआ था। देहरादून में दर्ज वर्ष 2025 के मामले की जांच सीबीआई कर रही है।
निजामुद्दीन से गिरफ्तारी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मेरठ के निर्देश, पुलिस अधीक्षक नगर के निर्देशन और क्षेत्राधिकारी सिविल लाइन के पर्यवेक्षण में पुलिस टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया। 7 सितंबर 2026 को आरोपी को दिल्ली के निजामुद्दीन इलाके से गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई करने वाली टीम में थाना प्रभारी अरुण भाटी, स्वाट टीम प्रभारी मनीष शर्मा व टीम, उपनिरीक्षक अमित कुमार, उपनिरीक्षक शुभम पचौरी तथा हेड कांस्टेबल कृष्ण प्रताप सिंह शामिल रहे।
पुलिस के अनुसार, मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है।



