
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
महागामा। महागामा प्रखंड अंतर्गत ऊर्जानगर स्थित राजमल एरिया में महीनों से बंद पड़े आरओ वाटर प्लांट को लेकर प्रकाशित खबर ने आखिरकार बड़ा असर दिखाया है। लंबे समय से ताला जड़कर बंद पड़े इस प्लांट की ओर प्रशासन का ध्यान तब गया जब मामला अखबार की सुर्खियों में आया।
खबर छपते ही हरकत में प्रशासन
जैसे ही यह मामला सार्वजनिक हुआ, संबंधित विभाग के पदाधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे। प्लांट की स्थिति का निरीक्षण किया। वर्षों से उपेक्षित पड़े इस प्लांट परिसर में साफ-सफाई कराई गई। जिससे यह स्पष्ट हो गया कि खबर ने सीधे तौर पर सिस्टम को झकझोर दिया है।
सिर्फ सफाई नहीं, मरम्मत का भी आश्वासन
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने आरओ प्लांट को जल्द दुरुस्त करने का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि खराब मशीनों की मरम्मत कर इसे पुनः चालू किया जाएगा, ताकि क्षेत्र के लोगों को शुद्ध पेयजल मिल सके।महीनों से पानी के लिए तरस रहे थे लोग स्थानीय ग्रामीणों और शहरी वार्डवासियों को लंबे समय से स्वच्छ पेयजल के लिए भटकना पड़ रहा था। प्लांट बंद रहने के कारण लोगों को मजबूरी में दूसरे स्रोतों पर निर्भर रहना पड़ रहा था, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे भी बढ़ रहे थे।
जनता का सवाल – कागजों में या जमीन पर
हालांकि प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से लोगों में उम्मीद जगी है, लेकिन बड़ा सवाल अभी भी कायम है क्या यह पहल सिर्फ कागजों तक सीमित रह जाएगी या वाकई प्लांट चालू होकर जनता को राहत मिलेगी।
नजरें अब काम पर टिकी
स्थानीय लोगों का साफ कहना है कि अब वे आश्वासन नहीं, बल्कि धरातल पर काम देखना चाहते हैं। अगर जल्द ही प्लांट चालू नहीं हुआ, तो यह एक बार फिर प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बन सकता है। एक खबर ने सिस्टम को हिला तो दिया है, लेकिन असली जीत तब होगी जब आरओ प्लांट पूरी तरह चालू होकर लोगों को शुद्ध पानी उपलब्ध कराएगा।



