शिक्षाविद दिवंगत सुरेश कुमार चौबे की 20वीं पुण्यतिथि पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित
लोगों ने उन्हें किए याद

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
बोकारो। कसमार प्रखंड के शिक्षाविद् व प्रखर समाजसेवी रहे स्वर्गीय सुरेश कुमार चौबे की आज बुधवार को कसमार चौक स्थित राम मंदिर प्रांगण के समीप स्थित प्रतिमा पर उनकी बीसवीं पुण्यतिथि के अवसर पर लोगों ने पुष्प अर्पीत कर तथा माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित किए। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए माले नेता शकुर अंसारी ने कहा कि दिवंगत सुरेश कुमार चौबे एक विलक्षण प्रतिभा के धनी प्रखर समाजसेवी व शिक्षाप्रेमी थे। उन्होंने कसमार में शिक्षा के अलख जगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाया था और उनके अथक प्रयास से कसमार में स्कूल की स्थापना हुई जो आज प्लस टू तक की शिक्षा का केंद्र बन चुका है। निरंजन महतो ने उनके पदचिन्हों का अनुसरण करने की बात करते हुए कहा कि उनके जैसा प्रकांड विद्वान और समाजसेवी विरले ही मिलते हैं। रंजीत जायसवाल ने कहा कि चौबे में गजब का नेतृत्व क्षमता था वह सभी को अपना समझते थे और सभी के साथ अपनत्व का भाव रखते थे। मंच संचालन निरंजन जायसवाल ने किए। रतन कुमार चौबे ने कहा कि स्वर्गीय चौबे के नीति पर चलकर ही कसमार आज सर्वांगीण विकास की ओर अग्रसर है। कसमार में सांप्रदायिक सौहार्द कायम रखने में स्वर्गीय चौबे की महत्वपूर्ण भूमिका रही। गांव में आज उनकी कमी हर किसी को खलती है। उनके रहने से गांव में अनुशासन की एक अद्भुत मिसाल पेश होती थी। उन्होंने ही कसमार जरीडीह में हिंदू मुस्लिम एकता को कायम किए थे जिसे आज तक गांव के लोग मानते आ रहे हैं। चाहे मोहर्रम की जुलूस में हिंदुओं का लाठी खेलना हो या रामनवमी के जुलूस में मुसलमानों के द्वारा शरबत आदि की व्यवस्था करना सब स्वर्गीय पंडित सुरेश कुमार चौबे की ही देन है। लोग अपने गुरु और महान समाजसेवी को याद करते हुए अत्यंत ही भावुक थे। सभा में स्वर्गीय चौबे के पौत्र एवं झारखंड उच्च न्यायालय के अधिवक्ता शीतल समीर चौबे ने कहा कि हम सभी को स्वर्गीय पंडित सुरेश कुमार चौबे के सिद्धांत पर चलते हुए एकता की एक ऐसी मिसाल जलाना है जो कि हर व्यक्ति के अंदर सौहार्द और प्रेम का लौ जला सकेे। मौके पर रतन कुमार चौबे कृष्ण मोहन चौबे रंजीत जायसवाल निरंजन जायसवाल निरंजन महतो गोलकनाथ ठाकुर सुखदेव गोस्वामी जयदेव कुमार दे हर्षित चौबे अंकित चौबे धीरेंद्र प्रजापति जगेश्वर गोसाई परमेश्वर गोसाई दशरथ पासवान प्रदुमन कुमार काजल गोस्वामी शांति पदो पाल कमलेश कुमार आदि मौजूद थे।



