कैराना
83 लाख की जमीन ठगी का खेल
पहले से बिकी भूमि का कराया फर्जी बैनामा, विरोध पर दी जान से मारने की धमकी
एसपी के आदेश पर मुकदमा दर्ज, धोखाधड़ी-फर्जीवाड़े के संगठित गिरोह पर शिकंजा कसने की तैयारी
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। कैराना क्षेत्र में जमीन खरीद-फरोख्त के नाम पर 83 लाख रुपये की बड़ी ठगी का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक संगठित गिरोह ने पहले से बिक चुकी जमीन का दोबारा फर्जी बैनामा कराकर पीड़ित से मोटी रकम ऐंठ ली ।मामले में पुलिस अधीक्षक एन.पी. सिंह के आदेश पर थाना कैराना में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
मोहल्ला बिसातियान निवासी राशिद पुत्र जहूर हसन ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में बताया कि वह कांधला क्षेत्र में जमीन खरीदना चाहता था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उसकी मुलाकात नदीम जंग व अन्य लोगों से कराई। आरोप है कि सभी ने सुनियोजित साजिश के तहत उसे भरोसे में लिया और 8.30 लाख रुपये प्रति बीघा के हिसाब से जमीन का सौदा तय किया। पीड़ित के अनुसार,उसने कुल 83 लाख रुपये आरोपियों को दिए, जिसमें 25 लाख रुपये बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए, जबकि 58 लाख रुपये नकद दिए गए। इसके बाद 15 जून 2024 को उप निबंधक कार्यालय कैराना में उसके पिता के नाम बैनामा भी करा दिया गया। पीड़ित का आरोप है कि 25 जुलाई 2024 को जब वह जमीन पर कब्जा लेने पहुंचा, तो वहां पहले से अन्य लोग काबिज मिले। उन्होंने बताया कि उक्त जमीन वर्ष 2019 में ही खरीदी जा चुकी है और वर्तमान में उनकी पत्नियों के नाम खतौनी में दर्ज है। यह सुनते ही पीड़ित के पैरों तले जमीन खिसक गई। आरोप है कि जब पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे, तो आरोपियों ने साफ इनकार कर दिया। इतना ही नहीं, उन्होंने धमकी दी कि वे पहले भी कई लोगों को इसी तरह ठग चुके हैं और उनका कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता।विरोध करने पर गाली-गलौज करते हुए पीड़ित व उसके साथियों को मौके से भगा दिया गया और दोबारा पैसे मांगने पर जान से मारने की धमकी दी गई।पीड़ित के मुताबिक, 83 लाख रुपये के अलावा करीब 4 लाख रुपये बैनामा व अन्य खर्चों में भी खर्च हो चुके हैं। इस तरह कुल नुकसान करीब 87 लाख रुपये का हो गया है। पीड़ित का कहना है कि उसने कई बार थाना कैराना में शिकायत दी, लेकिन रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई। बाद में एसपी एन.पी. सिंह के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला धोखाधड़ी, जालसाजी, आपराधिक षड्यंत्र और जान से मारने की धमकी जैसे गंभीर अपराधों से जुड़ा है। जांच के आधार पर जल्द ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
