
नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो
हजारीबाग जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत डेमोटांड़ के समीप पौता जंगल से 27 अप्रैल को तीन लोगों के शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतको में दो सगी बहनें और उनका ममेरा भाई शामिल है, जो पिछले पांच दिनों से लापता थे। परिजनों ने 23 अप्रैल को ही उनके अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को आवेदन दिया था, लेकिन समय पर कार्रवाई न होने से परिजनों में भारी आक्रोश है। पुलिस से प्राप्त जानकारी के अनुसार, शवों की पहचान पौता गांव निवासी बहनें खुशी परवीन (20 वर्ष) पिता मोहम्मद
आदिल हुसैन और मंडई निवासी सानिया परवीन (20 वर्ष) पिता मोहम्मद कमाल के रूप में हुई है। वहीं, तीसरा शव उनके फुफेरे भाई कटकमदाग सुल्ताना निवासी आदिल हुसैन लगभग (22 वर्ष) का है। जो अपने नानी के घर पौता आया हुए थे। मिली जानकारी के मुताबिक, तीनों 23 अप्रैल को शाम से ही लापता थे। बताया जाता है कि तीनों 23 अप्रैल को बगीचा में आम तोड़ने की बात कह कर घर से निकले थे। जब शाम में घर नहीं लौटे तो परिजनों ने रिश्तेदारी और आसपास के इलाकों में खोजबीन की, लेकिन कुछ पता नहीं चला। इसके बाद 24 अप्रैल को मुफस्सिल थाना में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया गया था। इसी बीच सुहैल नाम के लड़के ने परिजनों से संपर्क कर बताया कि उन लोगों लोकेशन मोरांगी में मिल रहा है, 50000 रुपए दीजिए। तीनों सही सलामत घर पहुंच जाएंगे। इसके बाद 27 अप्रैल की सुबह जब स्थानीय ग्रामीण जंगल की ओर गए, तो उन्हें शवों से दुर्गंध आई, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मौके पर मुफस्सिल पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। 19 मई को खुशी परवीनक शादी होने वाली थी। उसका दुमका एग्रीकल्चर कॉलेज में नामांकन भी हो चुका था। जबकि सानिया परवीन केबी विमेंस कॉलेज की छात्रा है।



