ललितपुर
अतिरिक्त कार्यों के बोझ से नाराज पंचायत सहायकों ने खोला मोर्चा, डीपीआरओ को सौंपा ज्ञापन
कम मानदेय, संसाधनों की कमी और मानसिक उत्पीडऩ का लगाया आरोप, मांगें पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
ललितपुर। पंचायत सहायक कर्मचारी यूनियन के बैनर तले जिले के पंचायत सहायकों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर डीपीआरओ को ज्ञापन सौंपकर नाराजगी जताई। पंचायत सहायकों ने आरोप लगाया कि उनसे ग्राम पंचायत के नियमित कार्यों के अलावा लगातार कई अतिरिक्त विभागीय कार्य कराए जा रहे हैं, जबकि इसके अनुरूप न तो मानदेय दिया जा रहा है और न ही कार्यस्थलों पर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। बताया कि वर्तमान में पंचायत सहायकों से ग्राम पंचायत के नियमित कार्यों के अतिरिक्त स्व-गणना, फैमिली आईडी, आयुष्मान कार्ड, फार्मर रजिस्ट्री, विभिन्न विभागीय सर्वेक्षण, पोर्टलों पर डाटा फीडिंग तथा निर्वाचन संबंधी कार्य भी कराए जा रहे हैं। लगातार बढ़ते कार्यभार के कारण पंचायत के मूल कार्य प्रभावित हो रहे हैं और कर्मचारियों पर मानसिक एवं प्रशासनिक दबाव भी बढ़ रहा है। पंचायत सहायकों ने प्रशासन के समक्ष अपनी 6 सूत्रीय मांगें रखीं। उन्होंने मांग की कि पंचायत सहायकों से केवल ग्राम पंचायत एवं पंचायती राज विभाग से संबंधित कार्य ही कराए जाएं। यदि अतिरिक्त विभागीय कार्य लिए जाते हैं तो उसके लिए अलग से मानदेय या भत्ता निर्धारित किया जाए। साथ ही वर्तमान महंगाई को देखते हुए मानदेय का समय पर भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कर्मचारियों ने सभी ग्राम पंचायत कार्यालयों में कंप्यूटर, प्रिंटर, हाई-स्पीड इंटरनेट, निर्बाध बिजली, शुद्ध पेयजल और बैठने की समुचित व्यवस्था उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। इसके अलावा ऑनलाइन कार्यों को सुचारू रूप से करने के लिए उच्च गुणवत्ता के स्मार्टफोन उपलब्ध कराने तथा विभागीय स्तर पर सम्मानजनक व्यवहार और स्पष्ट कार्य-निर्देश सुनिश्चित करने की मांग की गई। यूनियन जिलाध्यक्ष संदीप झा, जिला उपाध्यक्ष रश्मी राजे, जिला महासचिव अभिषेक, जिला संगठन मंत्री हनुमत, जिला कोषाध्यक्ष प्रियंका देवी, मीडिया प्रभारी रोहित, जिला सचिव अंकिता यादव तथा जिला उपसचिव प्रशान्त सहित अन्य पंचायत सहायकों ने सामूहिक रूप से ज्ञापन सौंपा। यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कार्रवाई नहीं की गई, तो पंचायत सहायक आगामी दिनों में व्यापक आंदोलन करने को बाध्य होंगे।

