जालौन
शंकर भगवान कुली मंदिर पर कब्जे की साजिश को लेकर भड़के मोहल्लेवासी
मूर्ति तोड़ने के आरोपियों पर फिर गंभीर आरोप, प्रशासन से कार्रवाई की मांग
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
उरई (जालौन)। सदर कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला तुलसीनगर व इंद्रानगर में स्थित श्री शंकर भगवान कुली मंदिर एक बार फिर विवादों के केंद्र में आ गया है। मंदिर कमेटी और स्थानीय मोहल्लावासियों ने प्रशासन को दिए गए प्रार्थना पत्र में गंभीर आरोप लगाए हैं कि मंदिर की जमीन पर जबरन कब्जा कर उसे निजी मकान में बदलने की साजिश रची जा रही है।
प्रार्थना पत्र के अनुसार राघव शर्मा उनकी पत्नी प्रतिभा शर्मा और परिवार के अन्य सदस्यों पर आरोप है कि वे मंदिर परिसर में तोड़फोड़ कर निजी निर्माण करने का प्रयास कर रहे हैं। जबकि यह भूमि पूर्व में इस्लाम अली और पृथ्वी पाल याज्ञिक द्वारा विधिवत रूप से मंदिर को दान की गई थी और रजिस्ट्री भी भगवान शंकर के नाम दर्ज बताई जा रही है। मोहल्लावासियों का कहना है कि उक्त भूमि को कथित रूप से नगर पालिका में पुजारी की पत्नी सूरजमुखी के नाम दर्ज करा लिया गया और अब इसे राघव शर्मा के नाम करने की कोशिश की जा रही है। गंभीर आरोप यह भी है कि पुजारी ब्रजकिशोर शर्मा की मृत्यु के बाद उनके परिवार के सदस्यों द्वारा काली माता की मूर्ति तोड़ी गई थी, जिसके चलते उन्हें जेल भी जाना पड़ा था। अब फिर से मंदिर को नुकसान पहुंचाने की आशंका जताई जा रही है। मंदिर कमेटी ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी परिवार के मंदिर में प्रवेश पर रोक लगाई जाए, ताकि दोबारा किसी प्रकार की धार्मिक क्षति न हो सके। मोहल्लावासियों का कहना है कि पिछले 20 वर्षों से मंदिर की देखरेख कमेटी और स्थानीय लोग कर रहे हैं, लेकिन वर्तमान विवाद के कारण नियमित पूजा-पाठ प्रभावित हो रहा है।म मोहल्लेवासियों ने मांग की है कि मंदिर की देखरेख कानूनी रूप से कमेटी को सौंपी जाए, मंदिर की चाबी कमेटी को दी जाए, विधिवत पुजारी नियुक्त कर पूजा-पाठ शुरू कराया जाए, सामाजिक व धार्मिक कार्यक्रमों (रामायण, भंडारा, भागवत) की अनुमति दी जाए। उनका यह भी कहना था कि वर्ष 2016 में भी इसी विवाद को लेकर कोतवाली उरई में एफआईआर दर्ज हुई थी, जिसमें मंदिर परिसर में तोड़फोड़ और नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया गया था।


