बालाघाट

लालबर्रा में आशा पर्यवेक्षकों का फूटा आक्रोश7.88 लाख रुपये का भुगतान लंबित

विभागीय कार्यप्रणाली पर उठे गंभीर सवाल।

लगातार कार्य लेने के बावजूद महीनों से नहीं मिला मानदेय,आर्थिक संकट से जूझ रहीं पर्यवेक्षक।
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बालाघाट(म0प्र0) : शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा अंतर्गत कार्यरत आशा पर्यवेक्षकों का लंबे समय से लंबित भुगतान अब बड़ा प्रशासनिक मुद्दा बनता दिखाई दे रहा है। कई महीनों से मानदेय एवं अन्य देय राशि प्राप्त नहीं होने से नाराज आशा पर्यवेक्षकों ने 12 जून 2026 दिन शुक्रवार को खंड चिकित्सा अधिकारी की अनुपस्थिति में बीसीएम श्रीमती सपना धुर्वे एवं बीपीएम भुवनेश्वर बोपचे को सामूहिक आवेदन सौंपकर अपनी गंभीर आपत्ति दर्ज कराई।
      आवेदन में आशा पर्यवेक्षकों ने आरोप लगाया है कि विभाग द्वारा लगातार फील्ड कार्य, विभागीय गतिविधियों एवं विभिन्न योजनाओं का दायित्व नियमित रूप से सौंपा जा रहा है,लेकिन कार्य के अनुरूप भुगतान समय पर नहीं किया जा रहा। इससे कर्मचारियों के समक्ष आर्थिक अस्थिरता और मानसिक दबाव की स्थिति निर्मित हो गई है।आवेदन के अनुसार फरवरी 2026 से वर्तमान तक किसी भी प्रकार का नियमित भुगतान प्राप्त नहीं हुआ है। इसके अलावा जनवरी 2026 माह की प्रति आशा पर्यवेक्षक 6,633 रुपये की राशि भी लंबित बताई गई है। वहींअगस्त,सितंबर,अक्टूबर एवं नवंबर 2025 की बढ़ी हुई अतिरिक्त राशि 633 रुपये प्रति माह भी अब तक जारी नहीं की गई है।पर्यवेक्षकों के अनुसार एक-एक कर्मचारी का कुल लंबित भुगतान लगभग 71,697 रुपये तक पहुंच चुका है। लालबर्रा विकासखंड में वर्तमान में कार्यरत 11 आशा पर्यवेक्षकों का कुल लंबित भुगतान लगभग 7,88,667(सात लाख अठ्ठयासी हजार छः सौ सड़सठ रुपये) बताया गया है।
कार्य पूरा,भुगतान अधूरा— कर्मचारियों ने उठाए सवाल
         आशा पर्यवेक्षकों का कहना है कि विभागीय स्तर पर कार्यों को लेकर निरंतर दबाव बनाया जाता है,लेकिन भुगतान संबंधी जानकारी,समयसीमा या समाधान स्पष्ट नहीं किया जाता।उनका आरोप है कि सीमित संसाधनों और व्यक्तिगत खर्च पर क्षेत्रीय कार्यों का निर्वहन किया गया,फिर भी समय पर भुगतान नहीं हुआ।
               पर्यवेक्षकों ने यह भी बताया कि स्थिति अब इतनी गंभीर हो गई है कि कई कर्मचारियों को परिवार चलाने के लिए निजी उधार एवं ब्याज पर राशि लेना पड़ रहा है। लगातार बढ़ते आर्थिक बोझ के कारण पारिवारिक जीवन प्रभावित हो रहा है।
विभागीय लापरवाही की जांच की मांग
                        आवेदन में मांग की गई है कि
सभी लंबित भुगतान तत्काल जारी किए जाएं,भुगतान में हुई देरी के कारणों की जांच की जाए,जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की जवाबदेही तय की जाए,भविष्य में समयबद्ध भुगतान व्यवस्था सुनिश्चित की जाए,मामले की जानकारी जिला स्तर तक पहुंचाकर आवश्यक प्रशासनिक हस्तक्षेप कराया जाए।आशा पर्यवेक्षकों ने यह भी कहा कि आवेदन की प्रतिलिपि कलेक्टर बालाघाट एवं जिला स्वास्थ्य अधिकारी को भी भेजी जाएगी ताकि मामले का शीघ्र निराकरण हो सके।
                 आवेदन सौंपने के दौरान श्रीमती ममता भोयर,श्रीमती संतोषी पांडे, श्रीमती लक्ष्मी पंचेश्वर,श्रीमती यशोरी मानेश्वर, श्रीमती श्यामकली नागवंशी, श्रीमती लीला नगपुरे,श्रीमती योगेश्वरी टेंम्भरे,श्रीमती शशी ठाकरे,श्रीमती भेजन चौहान, श्रीमती सुषमा ठाकरे एवं श्रीमती आशा बोपचे उपस्थित रहीं।
इनका कहना-
           “फरवरी से लेकर अभी तक के सभी प्रकार का भुगतान लंबित है। हम फील्ड में लगातार कार्य कर रहे हैं लेकिन भुगतान नहीं मिलने से कई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। परिवार के पालन-पोषण के लिए उधारी लेनी पड़ रही है। हमारी मांग है कि लंबित भुगतान तत्काल किया जाए और भविष्य में नियमित भुगतान सुनिश्चित हो।”
ममता भोयर
आशा पर्यवेक्षक,लालबर्रा
वहीं इस संबंध में खंड चिकित्सा अधिकारी की ओर से बताया गया—
“बजट का इश्यू चल रहा था, इस माह तक भुगतान क्लियर होने की संभावना है।”
डॉ. रितु धुर्वे
खंड चिकित्सा अधिकारी
शासकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लालबर्रा
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