
रुद्रप्रयाग। उत्तराखंड के रुद्रप्रयाग में भारी बारिश के कारण केदारनाथ हाईवे पर मुनकटिया के पास एक बड़ा भूस्खलन हुआ है, जिससे यातायात पूरी तरह ठप हो गया है। जिला प्रशासन ने तत्काल कार्रवाई करते हुए जेसीबी मशीनों से मलबा हटाने का काम शुरू कर दिया है, ताकि मार्ग को जल्द से जल्द खोला जा सके।
उत्तराखंड के पहाड़ी इलाकों में लगातार तेज बारिश हो रही है। इस वजह से आम लोगों की मुश्किलें बढ़ने लगी हैं। रुद्रप्रयाग जिले और केदारनाथ धाम के आसपास के इलाकों में मूसलाधार बारिश का दौर जारी है। इसी बीच, सोनप्रयाग के पास मुनकटिया नाम की जगह पर एक बहुत बड़ा भूस्खलन हुआ है। इस भूस्खलन की वजह से केदारनाथ मुख्य हाईवे का एक हिस्सा मलबे से भर गया है, जिससे गाड़ियों का आना-जाना कुछ हद तक रुक गया है। प्रशासन ने इस मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कार्रवाई शुरू कर दी है और रास्ते को साफ करने का काम तेज कर दिया है।
गौरीकुंड के पास मुनकटिया में पहाड़ी से भारी मात्रा में मिट्टी, पत्थर और बड़े बोल्डर सड़क पर आ गिरे हैं, जिससे हाईवे पूरी तरह बंद हो गया है। इस रास्ते को दोबारा चालू करने के लिए जिला प्रशासन ने बिना देर किए बड़ी मशीनें और जेसीबी काम पर लगा दी हैं। सड़क से मलबे को हटाने का काम बहुत तेजी से किया जा रहा है।
आपदा प्रबंधन अधिकारी का बयान-आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया, “मुनकटिया में सड़क जरूर बंद हुई है, जो कि गौरीकुंड के पास है। लेकिन वहां लगातार जेसीबी मशीनें काम कर रही हैं। हमारी पूरी कोशिश है कि इस रास्ते को बहुत जल्द दोबारा गाड़ियों के आने-जाने के लिए खोल दिया जाए।”
प्रशासन पूरी तरह अलर्ट, यात्रियों के लिए जरूरी सलाह-मौसम के खराब मिजाज और भूस्खलन के खतरों को देखते हुए रुद्रप्रयाग जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद और सावधान है। केदारनाथ यात्रा के रास्ते पर किसी भी इमरजेंसी या मुसीबत से निपटने के लिए रेस्क्यू और रेस्पॉन्स टीमें लगातार नजर रख रही हैं, ताकि यात्रियों को तुरंत मदद दी जा सके।
आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदन सिंह रजवार ने बताया कि जिलाधिकारी ने सभी विभागों और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं। यात्रा मार्ग पर जिन भी अधिकारियों और कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, उन्हें अपने तय स्थानों पर पूरी तरह अलर्ट रहने को कहा गया है। प्रशासन का कहना है कि केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सही तरीके से चलाने के लिए हर जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। तीर्थयात्रियों को भी यह सलाह दी गई है कि वे मौसम का हाल जानने और प्रशासन के नियमों को समझने के बाद ही अपनी यात्रा में आगे बढ़ें।



