जालौन

एक पेड़ मां के नाम अभियान से जुड़ें, पौधरोपण को जनआंदोलन बनाएं

स्वतंत्रदेव सिंह ने किया जनपद में वृहद पौधरोपण महाअभियान-2026 का शुभारंभ

उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 से अधिक लोगों का सम्मान, जनप्रतिनिधियों अधिकारियों ने किया वृक्षारोपण 
नेशनल प्रेस टाइम्स ,ब्यूरो।
उरई (जालौन)। रविवार को जनपद में वृहद पौधरोपण महाअभियान-2026 का शुभारंभ प्रदेश के जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने उरई-कालपी रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी के समीप आटा में पौधरोपण कर किया। इस अवसर पर उन्होंने एक पेड़ मां के नाम अभियान को जन-जन से जोड़ने का आह्वान करते हुए कहा कि पौधरोपण केवल पर्यावरण संरक्षण का कार्यक्रम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, संवेदना और आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का राष्ट्रीय संकल्प है। इस दौरान वृक्षारोपण महाअभियान- 2026 के अंतर्गत वृक्षारोपण, कृषि वानिकी एवं सामाजिक वानिकी के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले 12 से अधिक व्यक्तियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि एक पेड़ मां के नाम अभियान भारत की उस सनातन संस्कृति का प्रतीक है, जहां मां और प्रकृति दोनों को समान सम्मान दिया जाता है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार मां जीवन देती है, उसी प्रकार वृक्ष पूरी पृथ्वी को जीवन प्रदान करते हैं। इसलिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी मां के सम्मान में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करनी चाहिए। उन्होंने भारतीय संस्कृति में वृक्षों के महत्व का उल्लेख करते हुए शास्त्रों का प्रसिद्ध श्लोक ‘‘दशकूपसमावापी…’’ उद्धृत किया और कहा कि हमारी परंपरा में एक वृक्ष को दस पुत्रों के समान माना गया है। इससे स्पष्ट होता है कि भारतीय सभ्यता में प्रकृति और पर्यावरण का कितना ऊंचा स्थान रहा है। जलवायु परिवर्तन पर चिंता व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि बढ़ता तापमान, अनियमित वर्षा, सूखा, बाढ़ और भूजल स्तर में गिरावट आज पूरी दुनिया के सामने बड़ी चुनौती है। उन्होंने कहा कि एक विकसित वृक्ष प्रतिवर्ष लगभग 100 से 120 किलोग्राम ऑक्सीजन उपलब्ध कराता है और अपने जीवनकाल में एक टन से अधिक कार्बन डाइऑक्साइड अवशोषित करने की क्षमता रखता है। घने वृक्षों वाले क्षेत्रों में तापमान भी आसपास के क्षेत्रों की तुलना में 2 से 5 डिग्री सेल्सियस तक कम रहता है। उन्होंने बताया कि पिछले वर्ष एक ही दिन में 36 करोड़ 50 लाख से अधिक पौधे लगाकर नया रिकॉर्ड बनाया गया था। वर्ष 2017 से अब तक प्रदेश में 190 करोड़ से अधिक पौधे लगाए जा चुके हैं और उत्तर प्रदेश जल्द ही 200 करोड़ पौधरोपण के आंकड़े को पार करने की ओर अग्रसर है। उत्तर प्रदेश शासन के सचिव कृषि, कृषि शिक्षा एवं अनुसंधान, कृषि विपणन, कृषि विदेश व्यापार एवं निर्यात प्रोत्साहन विभाग तथा जनपद के नोडल अधिकारी इंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण और कृषि समृद्धि एक-दूसरे के पूरक हैं। उन्होंने किसानों से कृषि वानिकी को अपनाने का आह्वान करते हुए कहा कि फलदार एवं इमारती वृक्ष किसानों की आय बढ़ाने के साथ पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम को जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, विधान परिषद सदस्य रमा निरंजन, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद निरंजन, कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने कहा कि पौधरोपण को सामाजिक दायित्व के रूप में अपनाना समय की आवश्यकता है। कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, प्रभागीय वनाधिकारी प्रदीप कुमार सहित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, कर्मचारियों, छात्र-छात्राओं एवं बड़ी संख्या में उपस्थित नागरिकों ने उत्साहपूर्वक पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया।
जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पेंशनर्स भवन का किया लोकार्पण
उरई। जनपद में प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पेंशनर्स भवन का लोकार्पण कर वरिष्ठ पेंशनरों को महत्वपूर्ण सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह भवन केवल ईंट-पत्थरों का ढांचा नहीं, बल्कि समाज के उन अनुभवी और समर्पित लोगों के सम्मान का प्रतीक है, जिन्होंने अपना संपूर्ण जीवन राष्ट्र, समाज और शासन-प्रशासन की सेवा में समर्पित किया है। उन्होंने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारी केवल पेंशनर नहीं, बल्कि अनुभव, अनुशासन, ईमानदारी और कर्तव्यनिष्ठा की अमूल्य धरोहर हैं। उनका अनुभव नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत है और समाज को सदैव दिशा देता रहेगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह भवन संवाद, सहयोग, आत्मीयता और सामाजिक सहभागिता का सशक्त केंद्र बनेगा, जहां वरिष्ठजन अपने अनुभव साझा करेंगे और समाजहित में सकारात्मक भूमिका निभाएंगे।
जल शक्ति मंत्री ने आधुनिक तरणताल का किया लोकार्पण
उरई। जनपद के लिए आज का दिन खेल जगत में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में दर्ज हो गया, जब उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने आधुनिक सुविधाओं से युक्त तरणताल एवं विकसित खेल परिसर का लोकार्पण कर जनपदवासियों को एक बड़ी सौगात दी। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल एक स्विमिंग पूल नहीं, बल्कि जिले की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान दिलाने वाला केंद्र बनेगी। उन्होंने कहा कि जहां खेल के मैदान आबाद होते हैं, वहां अनुशासन, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा का वातावरण विकसित होता है। उन्होंने कहा कि आधुनिक तरणताल के निर्माण से बच्चों और युवाओं को तैराकी का बेहतर प्रशिक्षण मिलेगा तथा वह राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं के लिए स्वयं को तैयार कर सकेंगे।
पंचनद धाम में पांच पवित्र नदियों की भव्य प्रतिमाओं का अनावरण
उरई। जनपद के ऐतिहासिक एवं पावन पंचनद धाम में प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने पांच पवित्र नदियों यमुना, चंबल, सिंध, क्वारी एवं पहुज की भव्य प्रतिमाओं का लोकार्पण किया। इस अवसर पर उन्होंने पंचनद की पुण्यभूमि को नमन करते हुए कहा कि आज का दिन केवल प्रतिमाओं के अनावरण का नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति, सनातन परंपरा, प्रकृति के प्रति कृतज्ञता और जल संरक्षण के राष्ट्रीय संकल्प का ऐतिहासिक अवसर है। उन्होंने कहा कि प्रयागराज की त्रिवेणी की तरह पंचनद भी प्रकृति का अद्भुत चमत्कार है, जहां पांच पवित्र नदियां एक साथ मिलकर भारत की सांस्कृतिक एकता और आध्यात्मिक विरासत का अनुपम स्वरूप प्रस्तुत करती हैं। उन्होंने कहा कि सदियों से वेदों और पुराणों में जिन नदियों की महिमा का वर्णन किया गया, आज उनकी प्रतिमाओं की स्थापना जन-जन को जल और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों का स्मरण कराएगी। जल शक्ति मंत्री ने कहा कि भारत की संस्कृति में नदियों को कभी मात्र जलधारा नहीं माना गया, बल्कि उन्हें मां का स्वरूप दिया गया है। पंचनद हमें विविधता में एकता का ऐसा संदेश देता है, जहां अलग-अलग दिशाओं से आने वाली नदियां अपनी पहचान खोए बिना एक बड़े उद्देश्य के लिए एक हो जाती हैं और यही भारत की सांस्कृतिक शक्ति है।उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया जल संकट पर चिंतित है, लेकिन यदि उसे परिवार का सदस्य समझा जाएगा तो उसका संरक्षण स्वतः उन्होंने कहा कि एक समय था जब बुंदेलखंड की पहचान केवल सूखे और पेयजल संकट से होती थी, लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। उन्होंने सभी नागरिकों से जल संरक्षण, नदी संरक्षण, पर्यावरण संवर्धन और वृक्षारोपण को जनआंदोलन बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित भविष्य देने के लिए जल की प्रत्येक बूंद और प्रत्येक नदी की रक्षा करना हम सभी का नैतिक दायित्व है।
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