बोकारो

डुमरी विधायक जयराम महतो की राज्यपाल से शिष्टाचार भेंट।

14वीं JPSC पीटी परीक्षा की सीबीआई जाँच एवं मुख्य परीक्षा स्थगित करने की मांग।

जेपीएससी दो दिनों के अंदर छात्रहित में निर्णय ले अन्यथा जोरदार आंदोलन किया जायेगा- जयराम महतो

नेशनल प्रेस टाइम्स,ब्यूरो।

बोकारो। डुमरी विधायक जयराम महतो के नेतृत्व में छह सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल ने आज महामहिम राज्यपाल महोदय से लोकभवन, रांची में मुलाकात कर 14वीं झारखंड सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा-2025 के परिणाम में सामने आई कथित विसंगतियों के संबंध में विस्तृत ज्ञापन सौंपा।
प्रतिनिधिमंडल में केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो, केन्द्रीय महासचिव पूजा महतो, राजकुमार मंडल, दीनबंधु मंडल एवं संदीप कुमार गुप्ता शामिल थे।
ज्ञापन के माध्यम से 14वीं जेपीएससी पीटी परीक्षा की स्वतंत्र उच्च स्तरीय/सीबीआई जाँच कराने तथा जाँच पूरी होने तक प्रस्तावित मुख्य परीक्षा को तत्काल स्थगित करने की मांग की गई।
ज्ञापन में कहा गया कि प्रारंभिक परीक्षा परिणाम में कई गंभीर प्रश्न सामने आए हैं, जिनमें वायरल ओएमआर कार्बन कॉपी का मामला, आयोग के सदस्यों के हस्ताक्षर के बिना परिणाम जारी होने की खबरें, सामान्य श्रेणी में हरियाणा एवं उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों के अभ्यर्थियों की असामान्य संख्या में सफलता, श्रेणीवार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक नहीं किया जाना तथा मुख्य परीक्षा के लिए अत्यंत कम समय दिया जाना शामिल है। इन सभी तथ्यों की निष्पक्ष एवं स्वतंत्र जाँच आवश्यक है, ताकि अभ्यर्थियों का विश्वास बना रहे और आयोग की गरिमा सुरक्षित रह सके।
प्रतिनिधिमंडल ने महामहिम राज्यपाल से मांग की कि वायरल ओएमआर प्रकरण सहित पूरी चयन प्रक्रिया की स्वतंत्र उच्च स्तरीय अथवा सीबीआई जाँच कराई जाए, श्रेणीवार कट-ऑफ अंक सार्वजनिक किए जाएँ, जाँच पूरी होने तक मुख्य परीक्षा स्थगित की जाए तथा जिन आयोग सदस्यों ने परिणाम पर हस्ताक्षर नहीं किए, उनके आपत्तियों एवं स्पष्टीकरण को सार्वजनिक किया जाए। साथ ही यदि जाँच में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है तो दोषी अधिकारियों एवं संबंधित एजेंसियों के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।
मौके पर विधायक जयराम महतो ने कहा कि यह मामला झारखंड के लाखों छात्रों के भविष्य और उनके विश्वास से जुड़ा हुआ है। यदि झारखंड लोक सेवा आयोग दो दिनों के भीतर छात्रहित में उचित निर्णय लेते हुए मुख्य परीक्षा स्थगित कर निष्पक्ष जाँच की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं करता है, तो छात्र-युवा व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी आयोग एवं राज्य सरकार की होगी।
मौके पर केन्द्रीय वरीय उपाध्यक्ष देवेन्द्र नाथ महतो ने कहा कि छात्रों के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा तथा न्याय, निष्पक्षता और पारदर्शिता सुनिश्चित होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

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