गाजियाबाद

लोनी में प्रसव के बाद महिला की मौत

परिजनों ने अस्पताल पर लगाए लापरवाही के गंभीर आरोप

डिलीवरी के कुछ घंटों बाद बिगड़ी तबीयत, जीटीबी अस्पताल ले जाते समय हुई मौत; पुलिस ने शुरू कराई जांच
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
लोनी, गाजियाबाद : गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र स्थित बंथला फ्लाईओवर के पास एक निजी अस्पताल में प्रसव के बाद 27 वर्षीय महिला की मौत हो जाने का मामला सामने आया है। घटना के बाद मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है तथा शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
जानकारी के अनुसार लोनी के बागराणप गांव निवासी काजल (27 वर्ष) पत्नी हरीश कुमार को 27 जुलाई की दोपहर करीब 1 बजे प्रसव पीड़ा होने पर बंथला फ्लाईओवर के पास स्थित नवजीवन अस्पताल में भर्ती कराया गया था। काजल का विवाह 24 मई 2021 को हरीश कुमार से हुआ था। दंपति की पहले से दो बेटियां हैं—पांच वर्षीय चेरी और तीन वर्षीय पीयू।
परिजनों के अनुसार 28 जुलाई की तड़के करीब 3 बजे काजल ने एक पुत्र को जन्म दिया। परिवार में बेटे के जन्म से खुशी का माहौल था, लेकिन कुछ ही देर बाद यह खुशी मातम में बदल गई। परिजनों का आरोप है कि डिलीवरी के तुरंत बाद काजल को अत्यधिक रक्तस्राव (ब्लीडिंग) शुरू हो गया, लेकिन अस्पताल के चिकित्सकों और स्टाफ ने समय रहते समुचित उपचार नहीं किया। उनका कहना है कि जब महिला की हालत लगातार बिगड़ने लगी, तब अस्पताल प्रशासन ने करीब सुबह 4 बजे उसे आनन-फानन में दिल्ली के जीटीबी अस्पताल के लिए रेफर कर दिया।
मृतका के पति हरीश कुमार का आरोप है कि यदि समय पर सही इलाज मिलता तो उनकी पत्नी की जान बचाई जा सकती थी। उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन ने गंभीर स्थिति के बावजूद पर्याप्त चिकित्सीय सहायता उपलब्ध नहीं कराई और जब स्थिति नियंत्रण से बाहर हो गई तो मरीज को रेफर कर अपनी जिम्मेदारी से बचने का प्रयास किया। उनका यह भी आरोप है कि जीटीबी अस्पताल पहुंचने से पहले ही उनकी पत्नी ने रास्ते में दम तोड़ दिया।
हरीश कुमार ने अस्पताल संचालक राहुल त्यागी एवं चिकित्सक डॉ. सुमन त्यागी की डिग्रियों की भी जांच कराने की मांग की है। उनका आरोप है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि कोई अनियमितता सामने आती है तो संबंधित लोगों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए।
परिजनों का यह भी आरोप है कि जब वे काजल का शव लेकर वापस अस्पताल पहुंचे तो अस्पताल संचालक और डॉक्टर ने उन्हें धमकाया। उनका कहना है कि उस समय नवजात शिशु अस्पताल में भर्ती था, जिसे लेकर भी दबाव बनाने का प्रयास किया गया।
घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। एसीपी लोनी ने बताया कि परिजनों की शिकायत प्राप्त हो गई है। मामले की जांच के लिए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) को अवगत करा दिया गया है। जांच रिपोर्ट के आधार पर जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी।
परिजनों ने पुलिस से अस्पताल के मेडिकल रिकॉर्ड, उपचार संबंधी दस्तावेज और सीसीटीवी फुटेज तत्काल अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित करने की मांग की है, ताकि जांच निष्पक्ष रूप से हो सके और साक्ष्यों के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न हो।
पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामला लोनी कोतवाली क्षेत्र की बंथला चौकी का है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, चिकित्सकीय जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि प्रसव के बाद महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और परिजनों द्वारा लगाए गए लापरवाही के आरोप कितने सही हैं।
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