चार अलग-अलग मुकदमों में न्यायालय ने सुनाया फैसला, तीन दोषियों पर लगा 10 हजार रुपये का अर्थदंड
नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो।
कैराना। अपराधियों को सजा दिलाने के लिए शामली पुलिस की ओर से न्यायालय में की जा रही प्रभावी पैरवी का असर सामने आया है। अलग-अलग वर्षों में दर्ज चार मुकदमों में तीन दोषियों को न्यायालय ने कारावास और कुल 10 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया है। इनमें वर्ष 1998 का करीब 28 साल पुराना चोरी का मामला भी शामिल है।
पुलिस के अनुसार, वर्ष 1998 में थाना झिंझाना में ऊन निवासी सुनील पुत्र ज्ञान सिंह के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 146/1998 धारा 457, 380 और 411 भादवि के तहत दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस ने न्यायालय में प्रभावी पैरवी की। मंगलवार को एसीजेएम शामली ने सुनील को जेल में बिताई गई अवधि की सजा और एक हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड जमा नहीं करने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
इसी तरह वर्ष 2001 में थाना कोतवाली शामली में कंडेला निवासी संजय पुत्र महेंद्र के खिलाफ चोरी के दो अलग-अलग मुकदमे दर्ज हुए थे। मुकदमा अपराध संख्या39/2001 में धारा 379/411 भादवि तथा मुकदमा अपराध संख्या 40/2001 में भी धारा 379/411 भादवि के तहत कार्रवाई की गई थी। दोनों मामलों में पुलिस की प्रभावी पैरवी के बाद सीजेएम शामली ने संजय को प्रत्येक मामले में चार माह 11 दिन की सजा और 3,500 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। दोनों मामलों में अर्थदंड अदा नहीं करने पर सात-सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
वहीं, वर्ष 2026 के मामले में थाना झिंझाना पुलिस ने बनत निवासी भूरा पुत्र इकराम के खिलाफ मुकदमा अपराध संख्या 187/2026 धारा 3/25 शस्त्र अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। इस मामले में भी पुलिस ने न्यायालय में मजबूत पैरवी की।सीजेएम शामली ने भूरा को चार माह 15 दिन की सजा और दो हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थदंड न देने पर सात दिन का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शासन की मंशा के अनुरूप अपराधियों को उनके किए की सजा दिलाने के लिए विवेचना के साथ-साथ अभियोजन पक्ष की ओर से न्यायालय में प्रभावी पैरवी पर विशेष जोर दिया जा रहा है। इसी के परिणामस्वरूप पुराने मामलों में भी दोषियों को न्यायालय से दंडित कराया जा रहा है।



