गोड्डा
अधिकारियों द्वारा विद्यालय के निरीक्षण में खुला शिक्षा तंत्र का सच
- प्रधानाचार्य पर लगे गंभीर आरोप।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
बसंतराय : राष्ट्रीय मानवाधिकार एवं आरटीआई जागरूकता संगठन भारत की टीम ने गुरुवार को बसंतराय प्रखंड के विभिन्न सरकारी स्कूलों का निरीक्षण किया। इस अभियान का उद्देश्य शिक्षा व्यवस्था की जमीनी हकीकत को परखना तथा छात्रों को मिलने वाली मूलभूत सुविधाओं की स्थिति का मूल्यांकन करना था। वहीं निरीक्षण के दौरान टीम ने विशेष रूप से शौचालय की स्थिति, मध्यान्ह भोजन (मिड डे मील) की गुणवत्ता, स्कूल परिसर की साफ-सफाई , स्कूल ड्रेस और छात्रों की उपस्थिति पर ध्यान केंद्रित किया। साथ ही विद्यालयों में मानवाधिकार एवं सूचना के अधिकार को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी चलाया गया। वहीं टीम ने क्षेत्र के फसिया, बसखोरिया, कोरियाना और राहा सहित कई सरकारी विद्यालयों का दौरा किया। प्रदेश वरिष्ठ सचिव लक्ष्मण कुमार जायसवाल ने जानकारी दी कि उर्दू प्राथमिक विद्यालय, राहा में निरीक्षण के दौरान प्रधानाचार्य गंगाधर झा का रवैया असहयोगात्मक रहा। उन्होंने बताया कि दोपहर 1 बजे के समय विद्यालय पूरी तरह से खाली मिला और एक भी छात्र उपस्थित नहीं था। जब निरीक्षण दल ने उपस्थिति रजिस्टर मांगा तो प्रधानाचार्य ने देने से इनकार कर दिया और असमानीय व्यवहार करते हुए ऊँची आवाज़ में बोलने लगे।
संगठन के पदाधिकारियों ने जिला प्रशासन से अपील की है कि जिन विद्यालयों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है या शिक्षकों का रवैया गैर-जिम्मेदाराना है, वहां शीघ्र आवश्यक कार्रवाई की जाए ताकि बच्चों को एक बेहतर और सुरक्षित शैक्षणिक वातावरण मिल सके।
इस निरीक्षण में संगठन के प्रदेश अध्यक्ष राहुल कुमार जोशी, महिला प्रकोष्ठ बसंतराय की अध्यक्ष हुस्न आरा, प्रदेश सचिव दयानंद झा, गोड्डा जिला महिला अध्यक्ष हेलन हांसदा, एवं प्रखंड कार्यकारिणी सदस्य बंसीलाल यादव प्रमुख रूप से शामिल रहे। यह पहल न केवल विद्यार्थियों में जागरूकता बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई, बल्कि शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में भी एक सराहनीय कदम साबित हुई।



