सिंगरौली
जिले मे भ्रष्टाचार चरम पर, आदिवासी परिवारो को 3 महीने से नहीं मिला राशन
अन्न के अभाव में दूकान का चक्कर लगाने को मजबूर

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
सिंगरौली। 21वीं सदी के भारत में हर व्यक्ति को भरपेट भोजन मिल सके इसके लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून बनाया गया है,सरकार गरीब लोगों को मुफ्त अनाज देने की योजनाएं भी चला रही है। गरीब-गुरबों के कल्याण के लिए सरकार के स्तर पर दर्जनों योजनाएं चल रही हैं, लेकिन इससे देश में सबसे गरीब तबके के बजाय किसी और का कल्याण होता प्रतीत होता है,ऐसा हम नहीं कह रहे, बल्कि मध्यप्रदेश के सिंगरौली जिले के आदिवासी परिवार की बेबसी भ्रष्टतंत्र और लूटतंत्र के क्रूर चेहरे को उजागर कर रहा है,जिले के गडाईगांव परासी के आदिवासी बहुल पंचायत में सरकार की कोई योजना नहीं पहुंच रही है,सरकार की ओर से मिलने वाला मुफ्त अनाज भी यहां के लोगों की पहुंच से दूर है।
एक नहीं 3 महीने के राशन का नहीं मिला
देशभर में सरकारें तीन महीने का राशन एडवांस में दे रही हैं। मतलब जून, जुलाई और अगस्त का अनाज एक साथ आपको मिलने वाला था। देशभर में तमाम राज्यों में जून-जुलाई और अगस्त का राशन एक साथ देने का फैसला किया गया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा कानून (NFSA) के तहत मध्य प्रदेश में तीन महीने का एडवांस राशन दिया जाएगा।
सरई तहसील क्षेत्र के गडईगांव पंचायत परासी गांव के ग्रामीणों ने तीन महीना से खाद्यान्न नहीं मिलने की लिखित शिकायत की।
ग्रामीणों का कहना है कि विगत जून-जुलाई एवं अगस्त महीना का राशन उन्हें प्राप्त नहीं हुआ है। जून तथा जुलाई महीना अगस्त का फिंगरप्रिंट ले लिया गया है। पिछले कोटेदार को हटाकर दूसरा भेजा गया है जो सितम्बर माह की खाद्यान की बात कह रहा है, तो हम लोगों की तीन महाने का राशन कौन खा गया इसका जिम्मेदार कौन? क्या जिला खाद्य अधिकारी य फिर समिति प्रबंधक? या फिर यूँ माना जाय की ब्लॉक के जिम्मेदारो ने? आखिर गरीब आदिवासी परिवार का तीन महिने का एक मुश्त राशन कहां गया। कौन है जिम्मेदार? ग्रामीणों का कहना है कि सिंगरौली जिले के सरई क्षेत्र मे राशन को लेकर तमाम लोचा आए दिन होता रहता है इसलिए डीलर को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की गई है,साथ ही साथ समिति प्रबंधक तत्काल हटाऐ जाने की मांग की है।
इनका कहना है:
परासी गावं खाद्यान्न का आवंटन 90 कुंटल का है, जिसमे सिंतम्बर माह का खाद्यान अभी मात्र 15 कुंटल 80 किलो आया है, 110 कुंटल के अतिरिक्त मग वाया गया जो अभी नही आई है। अगस्त का खाद्यान जिले से नहीं आई है,शेष जून जुलाई का हमारे जानकारी मे नहीं है, जो होता है सब जिले से होता है।
छत्रधारी जायसवाल
समिति प्रबंधक महुआ गांव




