अमरोहा
श्रीमद् भागवत कथा में सुनाया राजा परीक्षित के जन्म का प्रसंग।

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
अमरोहा तहसील हसनपुर क्षेत्र के गांव नवावपुरा सौहरका में जाहरवीर मंदिर पर चल रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा के दूसरे दिन राजा परीक्षित जन्म की कथा सुनाई। कथावाचक श्री परदेसी शास्त्री ने कहा कि जन्म-जन्मांतर और युग-युगांतर में जब पुण्य का उदय होता है, तब ऐसा अनुष्ठान होता है। श्रीमद्भागवत कथा सुनने से पापी भी पाप मुक्त हो जाते हैं। वेदों का सार युगों-युगों से मानवजाति तक पहुंचता रहा है।भागवत पुराण उसी सनातन ज्ञान प्रवाह है जो वेदों से प्रवाहित होती चली आई है। इसलिए भागवत महापुराण को वेदों का सार कहा गया है। उन्होंने कहा कि युद्ध में गुरु द्रोण के मारे जाने पर उनके पुत्र अश्वत्थामा ने क्रोधित होकर पांडवों को मारने के लिए ब्रह्मास्त्र चलाया। वहीं दूसरी ओर अभिमन्यु की गर्भवती पत्नी उत्तरा के गर्भ से परीक्षित का जन्म हुआ। श्री जाहरवीरकमेटी के द्वारा प्रसाद का वितरण किया गया। इस मौके पर अजय राणा ,बबलु राणा ,राजवीर राणा, लालमन राणा, रोहतास राणा, बाबूराम सिंह, हरि सिंह ,जयवीर, सतीश, रमेश, डॉक्टर राजेंद्र सिंह, लाल सिंह ,राजकुमार आदि मौजूद रहे।



