गाजियाबाद

सरकारी गौशाला में जाड़े से गोवंश की सुरक्षा के लिए गाजियाबाद प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय

5512 गोवंश की ठंड से रक्षा हेतु तिरपाल, बिछावन, अलाव और सीसीटीवी निगरानी की विस्तृत व्यवस्था

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
लोनी गाजियाबाद : जनपद गाजियाबाद में कड़ाके की ठंड को देखते हुए प्रशासन ने गोआश्रय स्थलों में संरक्षित 5512 गोवंश के संरक्षण हेतु विशेष इंतज़ाम किए हैं। ठंड के बढ़ते प्रभाव को कम करने के लिए समस्त गोआश्रय स्थलों को मोटे तिरपाल, पर्दों और बोरों से ढक दिया गया है, ताकि ठंडी हवाएँ सीधे गोवंश तक न पहुँच सकें। आवश्यकता पड़ने पर अलाव जलाने की भी व्यवस्था की गई है।
रात्रि में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सभी गोआश्रय स्थलों पर चौकीदारों की तैनाती कर दी गई है। प्रतिदिन सुबह हौजों में ताजा पानी भरा जा रहा है, ताकि गोवंश को रात भर ठंडे हुए पानी को पीना न पड़े। इसके साथ ही गोवंश को गर्माहट देने के लिए पराली, गन्ने की खोई और चावल की भूसी का उपयोग बिछावन के रूप में करने के स्पष्ट निर्देश भी दिए गए हैं।
फर्श को गीला होने से बचाने के लिए पेशाब की समुचित निकासी की जा रही है। साथ ही गोबर को समय पर हटाने के निर्देश दिए गए हैं, जिससे गोवंश को साफ-सुथरा स्थान उपलब्ध रहे और वे किसी संक्रमण का शिकार न हों।
जिलाधिकारी के निर्देश पर प्राथमिकता से हुआ कार्य
जिलाधिकारी श्री रविन्द्र कुमार माँदड़ के निर्देशानुसार यह सभी कार्य समस्त खण्ड विकास अधिकारियों, जिला पंचायत राज अधिकारी, अधिशासी अधिकारियों एवं नगर निगम अधिकारियों द्वारा प्राथमिकता से पूरे किए गए हैं।
शहरी क्षेत्र में संचालित 10 गोआश्रय स्थलों में कुल 3323 गोवंश, जबकि ग्रामीण क्षेत्र में 15 गोआश्रय स्थलों में 2189 गोवंश संरक्षित हैं। जिलाधिकारी के निर्देश पर गोवंश के भरण-पोषण और बीमार पशुओं की चिकित्सा की प्रभावी व्यवस्था की जा रही है।
इसके अलावा मृत गोवंश के ससम्मान निस्तारण की व्यवस्था को भी सख्ती से लागू किया जा रहा है।
सीसीटीवी से 24 घंटे निगरानी, मॉडल गोशाला का निर्माण जारी
मुख्य विकास अधिकारी श्री अभिनव गोपाल द्वारा गोआश्रय स्थलों की पाक्षिक समीक्षा की जा रही है तथा कमियों को तुरंत दूर कराया जा रहा है।
जनपद के सभी स्थलों पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए 119 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी मॉनिटरिंग खण्ड विकास अधिकारियों और अधिशासी अधिकारियों से जोड़ी गई है। मुख्य पशुचिकित्सा अधिकारी को भी सीसीटीवी सिस्टम से जोड़ने की कार्रवाई जारी है।
जनपद में विकास खंड भोजपुर स्थित टेलहेटा गोआश्रय स्थल को मॉडल गोशाला के रूप में विकसित किया जा रहा है, जो भविष्य में पूर्णतः स्वावलंबी गोशाला के रूप में कार्य करेगा।
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