गोड्डा
प्रकृति प्रदत्त अधिकार ही मानवाधिकार
विश्व मानवाधिकार दिवस पर दिव्यांग विद्यालय,परसौती में जागरुकता शिविर आयोजित

नेशनल प्रेस टाइम्स, ब्यूरो
गाेड्डा : जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष रमेश कुमार व सचिव दीपक कुमार के निर्देश पर बुधवार को विश्व मानवाधिकार दिवस पर जिला मुख्यालय सहित विभिन्न प्रखंडों के शिक्षण संस्थानों में विधिक जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इसी कड़ी में सदर प्रखंड के परसोती स्थित दिव्यांग विद्यालय में जागरुकता शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान डालसा की ओर से गठित टीम ने छात्र-छात्राओं को कानून से संबंधित जानकारी दी। मौके पर एलएडीसी के डिप्टी चीफ अजीत कुमार ने कहा कि मानवाधिकार मानव अस्तित्व के लिए मूलभूत हैं।ये सार्वभौमिक हैंं इसलिए दुनियां भर के लोग इसके अधिकारी हैं। ये व्यक्ति को निडर होकर कर्तव्य करने की स्वतंत्रता प्रदान करता है। द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद संयुक्त राष्ट्र संघ ने 10 दिसंबर 1948 को विश्व स्तर पर मानवाधिकार की घोषणा की। मानव के जन्म से ही मानवाधिकार शुरू हो जाते हैं। मानवधिकार प्रकृति प्रदत्त हैं। इसमें बिना मानव जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती है। मानवाधिकार के उल्लंघन पर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर पर भी मानवाधिकार आयोग एवं न्यायालय का गठन किया गया है। कहा कि संविधान में देशवासियों को जो अधिकार प्रदान किये जाते हैं उसे मूलभूत अधिकार कहा जाता है। नागरिक को जब अधिकार प्रदान किये जाते हैं तो उसी समय से नागरिक का कर्तव्य शुरू हो जाता है। अधिकार के साथ-साथ मनुष्य को अपना कर्तव्य भी करना चाहिए। छात्र को अगर संविधान ने शिक्षा का अधिकार प्रदान किया है तो उसे शिक्षकों का आदर करने, समय पर विद्यालय पहुंचने, घर व स्कूल में अनुशासन का पालन करने, टास्क पूरा करने कर्तव्य करने की जरुरत है। तभी यह अधिकार फलिभूत हो सकता है। कार्यक्रम का संचालन करते हुए अधिकार मित्र नवीन कुमार ने आम आदमी के अधिकार, मूलभूत व मानवाधिकार के अंतर एवं विधिक सेवा प्राधिकरण के कार्यों पर प्रकाश डाला। धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी प्राचार्य इकबाल अंसारी द्वारा किया गया। इसी प्रकार बसंतराय, पथरगामा, महागामा, मेहरमा, ठाकुरगंगटी, बोआरीजोर, पोड़ैयाहाट व सुंदरपहाड़ी प्रखंड के विद्यालयाें में शिविर आयोजित कर कानूनी जानकारी दी गई।




